क्लासिक थिएटर की ताकत थे प्रो. सतीश

 03 May 2021 12:39 AM

वरिष्ठ रंगकर्मी व शिक्षा विद प्रो.सतीश मेहता का लंबी बीमारी के बाद 13 अप्रैल को निधन हो गया था। उन्होंने अपनी नाट्य संस्था ‘प्रयोग’ के माध्यम से कई नाटकों का मंचन कईं बड़े मंचों पर मंचित किया था। उनकी स्मृति में जूम मीटिंग के माध्यम से प्रो.मेहता के शिष्यों द्वारा उन्हें याद किया गया। इस आनलाइन सभा में देश-विदेश से उनके शिष्यों ने उनसे जुड़े कुछ मीठे संस्मरण शेयर किए। इस दौरान विश्वजीत चटर्जी, रंगकर्मी राजीव वर्मा, अनुराग श्रीवास्तव, तरल मुंशी, सरज कुमार सहित अन्य साहित्यकार और रंगकर्मियों ने अपनी भागीदारी दिखाई। कार्यक्रम का संचालन विश्वजीत चटर्जी ने किया।

सर ने जीवन का तरीका सिखाया

सर ने न सिर्फ 'प्रयोग' संस्था नहीं बल्कि एक विचारधारा बनाई। यही कारण है कि दूर से भी मिलकर हम साथ हैं। सर से मैंने पूछा था कि आप नाटक करते हैं तब उन्होंने मुझे कहा आप भी करोगे? मैंने हां कहा और गांधी भवन से शुरुआत हुई। सर ने जीवन जीने का तरीका सिखाया

कलाकारों को हमेशा सपोर्ट करते थे

उन्होंने हर शो ऐसा दिया, जो कभी दर्शक भुला नहीं पाए। सर के लिए सेट घर जैसा था। सर जब तक सेट नहीं देख लेते थे तब तक उनका मन नहीं भरता था। सर की ताकत क्लासिक थिएटर करने की रहती थी। सर हमेशा हर कलाकार के पीछे सपोर्ट की तरह रहते थे।