बारिश में रेनकोट बना चोरों का सहारा, इंदौर में झुंड बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा 'रेनकोट गैंग', पुलिस के लिए बना चुनौती

 27 Jul 2021 03:39 PM

इंदौर। चोरों का आतंक हर तरफ बढ़ता जा रहा है। इंदौर में चोर इतने बैखोफ हो चले हैं कि कानून से वह पूरी तरह से बेखबर हैं। वो चोरी करने कभी झुंड में आ रहे हैं तो कभी रेनकोट पहनकर। जिसकी वजह से अब पुलिस के सामने ऐसे चोरों का पकड़ना एक चुनाैती बनी हुई है। 

दरअसल, इंदौर के बाणगंगा थाना इलाके में स्थिति प्रीमियम पार्क कॉलोनी में रहने वाली एक युवती के सूने घर को चोरों ने उस वक़्त निशाना बनाया जब वह पीएससी का इम्तिहान देने उज्जैन गई हुई थी। चोरों ने रैकी कर सूने मकान की पहचान की और रात के वक़्त चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इलाके में घूमते हुए चोर सीसीटीव्ही में कैद भी हुए। पुलिस अब हुलिया के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

पुलिस के लिए भी आसान नहीं है काम
आदिवासी अंचल से झुण्ड में आकर चोरी की सिलसिलेवार वारदात को अंजाम देना और फिर मारपीट कर भाग जाना धार जिले के कुछ चिन्हित गांव की ख़ास प्रणाली है। इन गांवों के लोग इतने खतरनाक हैं कि वहां पुलिस भी आसानी से दबिश नहीं दे सकती। बाणगंगा थाना इलाके में रहने वाली फरियादी ने थाने पहुंच कर शिकायत की थी कि उसके घर में रखे नगदी और आभूषण चोरी हो गए। लगभग 12 लाख रूपये नगद और स्वर्ण आभूषण थे। युवती बीते दिनों पीएससी परीक्षा देने उज्जैन गई थी।

मोबाइल से ऑनलाइन चैकिंग
उसने उज्जैन से ही घर में लगे कैमरों को अपने मोबाइल फोन से ऑनलाइन चैक किया तो वह कैमरे की दिशा के विपरीत नजर आये। इसके बाद जब वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ घर पहुंची तो होश उड़ गए। घर की अलमारी में रखे नगदी और गहने चोरी हो गए थे।

CCTV में दिखे चोर
पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी खंगाले तो चोर नजर आ गये। भारी बारिश के कारण चोर रेनकोट पहनकर आए थे। इस वजह से उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। इंदौर पुलिस के लिए इस तरह के गैंग को रोकना और पकड़ना मुश्किल बना हुआ है। शहर में समय-समय पर इस तरह के गैंग आकर वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। यह आरोपी चोरी डकैती और मारपीट की घटना को अंजाम देते हैं।

सामने आ रहे धार के गांव के नाम
धार जिले के बाग, टांडा, जामदा और भूतिया ऐसे गांव हैं जहां कुख्यात बदमाशों की संख्या ज्यादा है। बीते दिनों धार पुलिस ने इन्हीं गांव में से एक सरपंच को गिरफ्तार किया था। उस पर 60 हजार रुपये का इनाम था। वो कई अपराधों में वांटेड था, बावजूद इसके वह लम्बे समय से सरपंच था। इस गांव के लोग एक साथ झुण्ड में रवाना होते हैं और आसपास के इलाको में जाकर लूटपाट मचाते हैं। चूँकि गांव में आपराधिक प्रवत्ति के अधिक लोग हैं इसलिए पुलिस भी यहां आने से डरती है। पिछले कुछ समय का ट्रेक रिकार्ड है की यहां जब भी अचानक पुलिस पहुंचती है तो उस पर हमला कर दिया जाता है। लिहाजा उन्हें न तो चोरी का माल मिलता है और न ही आरोपी।

अल सुबह दबिश
पुलिस के लिए इस गैंग को पकड़ना आसान नहीं है। उसे आशंका है कि प्रीमियम पार्क कॉलोनी में हुई चोरी में भी इसी गांव के अपराधी शामिल थे। इंदौर पुलिस ने इस गैंग से परेशान होकर धार जिले के एक गांव में दबिश दी थी। इस दबिश में एक सैकड़ा से अधिक पुलिस बल इंदौर और धार का मौजूद था, तब जाकर पुलिस रात चार बजे इस गांव में दाखिल हुई थी और उसके हाथ एक कुख्यात बदमाश लगा। यह बदमाश बीते दिनों एरोड्रम थाना इलाके में हुई डकैती का वांछित बदमाश था। राजेंद्र नगर से चोरी हुई कार भी इस गांव में लावारिस मिली थी।