ब्लैक फंगस से जूझ रहे मरीज की पत्नी बोली- इंजेक्शन नहीं मिला तो छत से कूदकर जान दे दूंगी

 18 May 2021 08:50 PM


 इंदौर । रेमडेसिविर की किल्लत के बाद अब म्यूकोर मायकोसिसि (ब्लैक फंगस) के इलाज में उपयोग किए जा रहे इंजेक्शन की किल्लत हो गई है। बाजार हो या अस्पताल ये इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि इंजेक्शन की खेप आ गई है लेकिन मरीजों के परिजन यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इंजेक्शन कहां मिलेंगे। स्थानीय बॉम्बे अस्पताल में मंगलवार सुबह जब एक मरीज की स्थिति गंभीर लगी तो उनकी पत्नी ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि मैं अपने पति को तिल-तिल तड़पते हुए नहीं देख सकती, अगर उन्हें इंजेक्शन नहीं मिला तो अस्पताल की छत से कूदकर जान दे दूंगी। वीडियो में महिला ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और कलेक्टर से गुहार लगाई कि इंजेक्शन उपलब्ध करा दें। मंगलवार दोपहर में संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा जब ब्लैक फंगस इंजेक्शन की व्यवस्था होने की जानकारी साझा कर रहे थे तभी बॉम्बे अस्पताल में ब्लैक फंगस की समस्या से पीड़ित धामनोद निवासी युवा की पत्नी ममता के आंसू मोबाइल स्क्रीन्स पर वायरल हो रहे थे। वजह थी, छह दिन बाद भी उनके पति को एम्फोटेरिसिन-बी इनजेक्शन नहीं लग पा रहे थे। ममता ने वीडियो में कहा-‘मेरे 40 वर्षीय पति ब्लैक फंगस के इलाज के लिए बॉम्बे अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी आंख में दर्द हो रहा है। उसका पूरा जबड़ा दर्द कर रहा है। मैं इस हालत में उन्हें कहां लेकर जाऊंगी? इंजेक्शन अस्पताल में और अस्पताल के बाहर भी नहीं मिल रहे हैं। अब मेरे पास क्या रास्ता होना चाहिए? मैं अपने पति को तिल-तिल तड़पते नहीं देख सकती। आप बताइए कि मुझे आगे क्या करना है? अगर मुझे इंजेक्शन नहीं मिलते हैं, तो मैं हॉस्पिटल की छत से कूदकर आत्महत्या कर लूंगी। मेरे पास और कोई रास्ता नहीं बचा है।’अस्पताल छोड़ना पड़ा, रिश्तेदार के घर जाना पड़ा वीडियो वायरल होने के बाद महिला को अस्पताल छोड़ना पड़ा। उनके रिश्तेदारों ने बताया कि क्योंकि ममता ने अस्पताल से कूदकर जान देने की बात कही थी, शायद इसलिए अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें वहां नहीं रुकने दिया। उन्होंने बताया कि अस्पताल की आपत्ति के बाद महिला को अपनी बहन के घर रुकना पड़ा। मरीज के अटेंडेंट के रूप में बड़े भाई वहां मौजूद रहेंगे। 

दूसरी दवाओं से कर रहे इलाज : अस्पताल प्रबंधन 

बॉम्बे हॉस्पिटल के महाप्रबंधक राहुल पाराशर ने कहा महिला के पति को एम्फोटेरिसिन-बी के कुछ इंजेक्शन लग चुके हैं और इंजेक्शनों की जरूरत है। अस्पताल में एम्फोटेरिसिन-बी के इंजेक्शन फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। ब्लैक फंगस के सभी भर्ती  मरीजों का अन्य फंगसरोधी दवाओं से इलाज किया जा रहा है।


200 वायल मिले, एक बार में 30 पेशेंट को मिलेंगे

संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा ने कहा एमवाय अस्पताल तथा इससे संबंधित अस्पतालों में 73 मरीजों को एम्फोटेसिन बी के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। राज्य शासन ने प्राइवेट अस्पतालों के लिए 200 वायल उपलब्ध कराए हैं। इनके वितरण के लिए एक कमेटी बनाई है जिसमें एमजीएम के डीन डॉ. संजय दीक्षित की अध्यक्षता में बनाई है जिसके लिए डॉ. रिकमंड करेंगे। एक प्रपत्र भरकर मरीज के परिजन को इस कमेटी को देना होगा। तीन विशेषज्ञों की कमेटी तय करेगी किसे देना या नहीं। दो दिन के लिए दवा का रिलीज ऑर्डर होगा। एक बार में 30 पेशेंट को दिया जा सकेगा।