चीन में 76% मरीजों में रिकवरी के 6 माह बाद भी थकान, बेचैनी और कमजोरी के लक्षण दिखे

 13 Jan 2021 01:09 AM

वुहान। चीन की एक नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि कोरोना की चपेट में आए लोगों में से एक तिहाई ठीक हो जाने के 6 माह बाद तक बीमारी के लक्षणों से जूझ रहे हैं। इन मरीजों में थकान, कमजोर मांसपेशी, नींद आने की दिक्कत, बेचैनी और डिप्रेशन के लक्षण मिले हैं। संक्रमण खत्म होने के 6 माह बाद भी 76 फीसदी मरीजों में अभी भी लक्षण बरकरार हैं। इसके मामले महिलाओं में ज्यादा है। यह रिसर्च चीन के नेशनल सेंटर फॉर रेस्पिरेट्री मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने की है। वैज्ञानिकों ने इन लक्षणों को लॉन्ग कोविड सिम्पटम का नाम दिया है। लॉन्ग कोविड की कोई मेडिकल परिभाषा या लक्षणों की लिस्ट नहीं है। जो मरीज कोरोना निगेटिव हो गए, उन्हें महीनों बाद भी समस्याएं हो रही हैं। कोरोना से उबरने के बाद भी लक्षणों का लॉन्ग-टर्म अनुभव ही लॉन्ग कोविड है।

अस्पताल में भर्ती 1,733 मरीजों पर हुई रिसर्च

शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह रिसर्च कोरोना से रिकवर होने वाले 1,733 मरीजों पर हुई। ये सभी मरीज वुहान के जिनयितान हॉस्पिटल में भर्ती रहे हैं, जो पिछले साल जनवरी और मई के बीच डिस्चार्ज हुए थे। रिसर्च में सामने आया कि 76 फीसदी मरीजों में लक्षण बरकरार थे। 63 फीसदी में थकान और मांसपेशियों में कमजोरी की शिकायत थी। वहीं, 26 फीसदी में नींद न आने की समस्या थी।

ये होती हैं समस्याएं

􀂄 लॉन्ग कोविड से जूझ रहे दो लोगों के लक्षण बिल्कुल अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन कॉमन लक्षण है थकान। सांस लेने में दिक्कत, खांसी, जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों का दर्द, सुनने और देखने की समस्याएं, सिरदर्द, गंध और स्वाद न आना।

􀂄 आंतों, किडनी, फेफड़ों और दिल को नुकसान भी इनसे जुड़ी समस्याएं हैं। डिप्रेशन, एंग्जाइटी व मेंटल हेल्थ जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। यह मुश्किलें किसी भी व्यक्ति की क्वालिटी आॅफ लाइफ बर्बाद कर सकती हैं।