अपेंडिक्स हटाने सर्जरी जरूरी नहीं, दवाओं से इलाज संभव

 15 Oct 2020 12:08 AM  141

लंदन। अपेंडिक्स से पीड़ित लोगों के लिए राहत भरी खबर है। इसे शरीर से हटाने के लिए अब आपरेशन करना जरूरी नहीं है। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में यह पाया गया है कि इस समस्या के इलाज में एंटीबॉयोटिक्स दवाएं भी सर्जरी के जितनी ही कारगर होती हैं। इस अध्ययन में डॉक्टरों ने अपेंडिक्स से पीड़ित 1552 मरीजों को दो समूहों में बांटा। इनमें से आधे लोगों को एंटीबॉयोटिक्स दवाएं दी गई जबकि अन्य लोगों का आपरेशन कर इसे शरीर से अलग कर दिया गया। अध्ययन में यह पाया गया कि जिन पीड़ितों को एंटीबॉयोटिक्स दी गई थी उनमें से 70 प्रतिशत मरीज तीन माह में स्वस्थ हो गए यानी अब उन्हें सर्जरी की आवश्यकता नहीं रह गई। एंटीबॉयोटिक दवाएं ज्यादा कारगर अध्ययन के अनुसार सर्जरी किए गए मरीजों की तुलना में एंटीबॉयोटिक्स दवाओं से ठीक हुए मरीजों ने अपना सामान्य कामकाज भी जल्द शुरू कर दिया। उपचार के एक माह बाद दोनों ही समूह के मरीजों में रिकवरी की दर भी एकसमान रही। इस अध्ययन से यह पता चलता है कि यदि समस्या के सामने आते ही मरीजों का एंटीबॉयोटिक्स से इलाज शुरू कर दें तो हजारों मरीजों को आपरेशन की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। यूरोप में हुए कई अध्ययनों से भी यह पता चला है कि अपेंडिक्स से पीड़ित अधिकांश लोगों का सर्जरी की बजाय एंटीबॉयोटिक्स के जरिए सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है।

अपेंडिक्स क्या होती है? : यह शरीर में अचानक उभर जाने वाली एक ग्रंथि होती है। उंगली के जैसी यह ग्रंथि मलद्वार के पास उभर जाती है तथा तेज दर्द करती है। कभी-कभी इसके कारण कब्ज या दस्त जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसके उपचार का सर्वाधिक प्रचलित तरीका सर्जरी ही है, जिसे अपेंडेक्टॉमी कहा जाता है। सर्जरी के जरिए इस ग्रंथि को शरीर से अलग कर दिया जाता है। यदि किसी व्यक्ति के शरीर में यह ग्रंथि उभर आती है तो जितनी जल्दी हो सके उसे शरीर से अलग करने की जरूरत होती है।क्योंकि लक्षण उभरने के दो दिन बाद ही यह फट भी सकती है, जिससे पीड़ित की मौत तक हो सकती है।