आज पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरेगा एस्टेरॉयड एपोफिस

 06 Mar 2021 01:30 AM

वॉशिंगटन। अंतरिक्ष का तीसरा सबसे खतरनाक एस्टेरॉयड एपोफिस 6 मार्च यानी शनिवार को धरती के करीब से गुजरेगा। कुछ दिन पहले ही इसकी पहली तस्वीर दुनिया के सामने आई थी। करीब 370 मीटर चौड़ी इस चट्टान के अगले 48 सालों में धरती से टकराने का खतरा है, लेकिन नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक इसकी संभावना बहुत कम है। इसका वर्चुअल टेलिस्कोप प्रोजेक्ट पर 24 घंटे लाइव प्रसारण किया जाएगा।

लगातार बढ़ता जा रहा है आकार

एपोफिस एस्टेरॉयड निकेल और लोहे से बना है और रेडॉर इमेज से पता चलता है कि यह लगातार लंबा हो रहा है। इसका आकार अब मूंगफली की तरह होता जा रहा है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि इसके अभी और ज्यादा विश्लेषण की जरूरत है। वैज्ञानिक इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह धरती से वर्ष 2068 में टकराएगा या नहीं। इससे पहले के शोध में कहा जा रहा था कि इस एस्टेरॉयड के टकराने की संभावना केवल 2.7 प्रतिशत ही है। तबाही का देवता एपोफिस फ्रांस के एफिल टावर से आकार में काफी बड़ा है।

टकराने पर होगा विनाश: 27 अरब किलो का यह एस्टेरॉयड अगर पृथ्वी से टकराता है तो इससे एक मील चौड़ा व 518 मीटर गहरा गड्ढा बन सकता है। यही नहीं, इससे 88 करोड़ टन टीएनटी के विस्फोट के बराबर असर होगा, जो हिरोशमिा पर गिराए गए परमाणु बम की तुलना में 65 हजार गुना ज्यादा भयानक होगा।

वर्ष 2068 में धरती से टकराने की आशंका

आकलन के मुताबिक एस्टेरॉयड एपोफिस धरती से करीब 1 करोड़ 60 लाख लाख किमी की दूरी से गुजरेगा। इतनी दूरी से गुजरने के कारण एस्टेरॉयड का परिक्रमा पथ प्रभावित नहीं होगा। एस्टेरॉयड एपोफिस को टेलीस्कोप से आसानी से देखा जा सकेगा। हवाई यूनिवर्सिटी के खगोलविद डेविड थोलेन ने कहा कि सुबारू टेलिस्कोप से मिले डाटा के आधार पर खुलासा हुआ है कि एपोफिस बहुत तेजी से गति पकड़ रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्ष 2029 में यह एस्टेरॉयड अगर केवल ठीक-ठीक दूरी से गुजरता है तो पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति इसका रास्ता बदल देगी और यह वर्ष 2068 में वापस आएगा और 12 अप्रैल 2068 को पृथ्वी से टकरा सकता है।