WHO की क्लीनचिट के बाद भी चीन शक के घेरे में

 15 May 2021 11:59 PM

लंदन। ब्रिटेन व अमेरिका के प्रमुख वैज्ञानिकों के एक समूह का कहना है कि कोरोना कहां से पैदा हुआ, इसका पता लगाने के लिए और अधिक जांच की जरूरत है। समूह का कहना है कि इस जांच में चीन के वुहान की वायरॉलजी लैब से वायरस के एक्सिडेंटल लीक से आने की धारणा भी शामिल हो। इन वैज्ञानिकों में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रतिरक्षा विज्ञान व संक्रामक रोग विशेषज्ञ भारतीय मूल के रवींद्र गुप्ता भी शामिल हैं। ‘साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित एक पत्र में हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड व एमआईटी जैसे दुनिया के प्रमुख विवि के 18 विशेषज्ञों ने कहा, भविष्य के प्रकोपों के जोखिम को कम करने वैश्विक रणनीतियों बनाने के वास्ते यह जानना जरूरी है कि कोरोना कैसे उभरा। इन विशेषज्ञों ने आगाह किया, जब तक पर्याप्त आंकड़े न हों तब तक प्राकृतिक तरीके से व लैब से वायरस के फैलने के बारे में थ्योरीज को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा, हम डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक, अमेरिका और 13 अन्य देशों व यूरोपीय संघ से सहमत हैं कि इस महामारी की उत्पत्ति के बारे में अधिक स्पष्टता प्राप्त करना आवश्यक और संभव है।

शुरुआत:चीन ने दी थी सार्स- कोव-2 की जानकारी

महामारी के इतिहास का जिक्र करते हुए वैज्ञानिकों ने याद किया कि किस तरह 30 दिसंबर, 2019 को प्रोग्राम फॉर मॉनिटरिंग इमर्जिंग डिजीज ने दुनिया को चीन के वुहान में अज्ञात कारणों से होने वाले निमोनिया के बारे में सूचित किया था। इससे कारक प्रेरक एजेंट सीवीयर एक्यूट रेसपीरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस 2 की पहचान हुई थी। मई 2020 में, विश्व स्वास्थ्य सभा ने अनुरोध किया कि डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक सार्स-कोव-2 की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए भागीदारों के साथ काम करें।

सवाल: स्वतंत्र रूप से निरीक्षण किए जाने की उठी मांग

विशेषज्ञों ने डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रस अधानम घेब्रेयेसस की टिप्पणी की ओर इशारा किया कि रिपोर्ट में लैब दुर्घटना का समर्थन करने वाले साक्ष्य पर विचार अपर्याप्त था और संभावना का पूरी तरह से मूल्यांकन करने के लिए अतिरिक्त संसाधन प्रदान करने की पेशकश की। वैज्ञानिकों ने कहा, एक उचित जांच पारदर्शी, उद्देश्यपूर्ण, आंकड़ा-संचालित, व्यापक विशेषज्ञता वाली, स्वतंत्र निरीक्षण के अधीन होनी चाहिए व हितों के टकराव के प्रभाव को कम करने के लिए जिम्मेदारी से प्रबंधन होना चाहिए।

डब्ल्यूएचओ की टीम ने लैब लीक को नकारा था

हालांकि प्राकृतिक या किसी लैब से दुर्घटना वायरस के प्रसार के समर्थन में कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं था। डब्ल्यूएचओ की टीम ने चमगादड़ों से इस वायरस के मनुष्यों में फैलने के बारे में संभावना जताई, जबकि किसी लैब से यह फैलने को बेहद असंभव करार दिया गया। उन्होंने आगाह किया, इसके अलावा, दो सिद्धांतों को संतुलित विचार नहीं दिया गया।