ताइवान पर भारत से तमतमाया चीन अलगाववादियों को करेगा समर्थन

 07 Apr 2021 01:42 AM

पेइचिंग। भारत में ताइवान के मुद्दे पर चर्चा हो, यह चीन को बिल्कुल गवारा नहीं है। चीन के प्रॉपगैंडा अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने एक आर्टिकल में सीधीसी धी चेतावनी है कि ताइवान को समर्थन दिया तो भारत को नुकसान पहुंचाने के ड्रैगन के पास कई तरीके हैं। अखबार ने शंघाई इंस्टीट्यूट्स फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के रिसर्च सेंटर फॉर चाइना-साउथ एशिया को ऑपरेशन के सेक्रेटरी जनरल लियू जॉन्गयी के हवाले से दावा किया है कि चीन पूर्वोत्तर में अलगाववादी ताकतों को समर्थन दे सकता है। चीन से सतर्क रहे भारत ‘ग्लोबल टाइम्स’ का कहना है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समझौतों के आधार में एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रुभता का सम्मान करना शामिल है। ताइवान को अलग देश समझना द्विपक्षीय संबंधों के आदर्श का उल्लंघन है। ऐसे में नई दिल्ली को बीजिंग के जवाबी एक्शन से सतर्क रहना चाहिए। लियू ने ‘ग्लोबल टाइम्स’ से कहा है कि एक कदम सिक्किम को भारत का अंग न मानना हो सकता है। अखबार ने साफ-साफ लिखा है, अगर भारत चीन में अलगाववादी ताकतों का समर्थन करता है, तो चीन भी आंख के बदले आंख का पालन करते हुए उत्तरपूर्वी भारत में अलगाववादी ताकतों का समर्थन करेगा।

घरेलू समस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप

ग्लोबल टाइम्स’ ने आगे लिखा है कि भारत को ताइवान की नहीं, विकराल होती कोरोना वायरस महामारी की चिंता करनी चाहिए। उसने आरोप लगाया है कि जब भारत में घरेलू समस्याएं होती हैं तो वह चीन के साथ तनाव पर ध्यान देना शुरू कर देता है ताकि लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। अखबार ने लिखा है, भारत एक उच्च क्षमता वाला विकासशाली देश होना चाहिए। महामारी के बीच भी वह दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन बना रहा है। दुर्भाग्य से जियोपॉलिटिकल ट्रिक्स करके वह खुद को नुकसान पहुंचा रहा है।

पाकिस्तान जाएंगे लावरोव, 9 वर्षों में किसी रूसी विदेश मंत्री की यह पहली यात्रा होगी

इस्लामाबाद।रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 2 दिवसीय यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचेंगे और द्विपक्षीय संबंधों के साथसाथ् ा अफगानिस्तान की स्थिति पर देश के शीर्ष नेतृत्व व सेना प्रमुख के साथ महत्वपूर्ण बातचीत करेंगे। पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा, लावरोव की यात्रा 9 साल में किसी रूसी विदेश मंत्री द्वारा की जाने वाली देश की पहली यात्रा होगी और वह उनका स्वागत करने के लिए खुद एयरपोर्ट जाएंगे। लावरोव ने 2012 में इस्लामाबाद का दौरा किया था। कुरैशी ने एक वीडियो बयान में कहा, इसमें कोई दो राय नहीं है कि रूस इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देश है पाक की उनकी यात्रा से पता चलता है कि हमारे द्विपक्षीय संबंध एक नया मोड़ ले रहे हैं।