चीनी का दावा: लद्दाख में चीन ने माइक्रोवेव हथियारों का इस्तेमाल किया, दो चोटियों को भारत के कब्जे से छुड़ाया

 17 Nov 2020 09:30 PM

लंदन।  चीन की एक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने दावा किया है कि चीनी सेना ने लद्दाख में भारतीय सेना के कब्जे वाली चोटियां खाली कराने के लिए माइक्रोवेव हथियारों का इस्तेमाल किया था। इससे भारत के सैनिक पीछे हटने पर मजबूर हो गए। रेनमिन यूनिवर्सिटी के स्कूल आफ इंटरनेशनल स्टडीज के एसोसिएट डीन जिन केनरॉन्ग ने एक आनलाइन सेमिनार में यह नया दावा किया। इसके वीडियो में जिन कह रहे हैं कि उनकी (भारत) सेना ने सामरिक रूप से दो बहुत महत्वपूर्ण दो चोटियों पर कब्जा कर लिया था। ब्रिटिश अखबार द टाइम्स ने जिन के हवाले से लिखा है कि इस घटना का बहुत प्रचार नहीं किया गया। टाइम्स के मुताबिक, यह हमला 29 अगस्त को किया गया था।

चीनी प्रोफेसर ने कहा कि इस बीच हमारे सैनिकों ने  माइक्रोवेव हथियारों का इस्तेमाल किया। उन्होंने चोटियों पर नीचे से हमला किया और उन्हें माइक्रोवेव ओवन में बदल दिया। 15 मिनट में ही भारतीय सैनिक उल्टियां करने लगे। आखिर वे चोटियों को छोड़कर चले गए। इस तरह हमने दोनों चोटियों को वापस ले लिया। इससे किसी समझौते का उल्लंघन भी नहीं हुआ।

द टाइम्स ने दावा किया कि भारतीय सेना के खिलाफ चीन की ओर से माइक्रोवेव हथियारों का कथित इस्तेमाल सैनिकों के खिलाफ इनकी पहली तैनाती हो सकती है। माइक्रोवेव हथियारों पर कई दशकों से रिसर्च चल रही है। ऐसे हथियारों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्हें कम घातक माना जाता है। इनसे गंभीर चोट लगने या मौत का खतरा नहीं है।
फरवरी 2019 में चीन सरकार के समर्थन वाली मीडिया ने बताया कि देश नुकसान न पहुंचाने वाले माइक्रोवेव हथियार पर काम कर रहा है। ये हथियार हिंसक गतिविधियों को रोकने और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने में मददगार होंगे। इनसे पुलिस और तटरक्षक बलों को काफी सहूलियत होगी।
माइक्रोवेव हथियारों के मामले में चीन के डेवलपमेंट प्रोग्राम का मकसद अमेरिका और जापान जैसे देशों का मुकाबला करना है। अमेरिका, चीन पर दक्षिण चीन सागर में चल रहे अपने विमानों पर लेजर फायर करने का आरोप लगा चुका है।