कोरोना से भी खतरनाक वायरस : अमेजन के जंगलों से निकलकर यह वायरस पूरी दुनिया में फैला सकता है महामारी!

 03 May 2021 10:12 AM

रियो डी जेनेरियो।  कोरोना महामारी पूरी दुनिया में कहर बनकर टूट पड़ी है। लेकिन अब दुनिया के सामने इससे भी बड़ी महामारी का खतरा पैदा हो चुका है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अमेजन के जंगलों में मिला एक वायरस अबतक की सबसे बड़ी महामारी लाने की ताकत रखता है। दरअसल, फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ अमेजोनास के बायोलॉजिस्ट मासेर्लो गोर्डो और उनकी टीम ने कूलर के अंदर से तीन पाइड टैमेरिन बंदरों की सड़ी हुई लाश बरामद की थी। जिसे फियोक्रूज अमेजोनिया बायोबैंक भेज दिया गया था। यहां जीव विज्ञानी अलेसांड्रा नावा ने बंदरों के सैंपल से पैरासिटिक वॉर्म्स, वायरस और अन्य संक्रामक एजेंट्स की खोज की। 

ऐसे हुई इस खतरनाक वायरस की खोज
अलेसांड्रा ने बताया कि मानौस और ब्राजील में एक खतरा मंडरा रहा है योडा-फेस्ड पाइड टैमेरिन बंदर से। ये बंदर पूरे ब्राजील में पाया जाता है। इसी प्रजाति के बंदर से ये वायरस मिला है, जो बेहद संक्रामक है। ये वायरस कोरोना महामारी से भी खतरनाक महामारी लाने की ताकत रखता है। 

एक और वायरस को लेकर भी डर
साइंस जर्नल के मुताबिक, अलेसांड्रा और उनकी टीम एक और वायरस को लेकर चिंतित हैं। इस वायरस का नाम है मायारो वायरस। यह वायरस अब तेजी से दक्षिण अमेरिकी देशों में फैल रहा है। इसके संक्रमण से फ्लू जैसे लक्षण दिखते हैं। सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि अगर किसी इंसान को संक्रमित करता है तो डॉक्टर यह पता करने में परेशान हो जाएंगे कि यह मायारो वायरस है, या मरीज को चिकनगुनिया या डेंगू हुआ है। क्योंकि ये वायरस लगातार शरीर के प्रतिरोधक क्षमता को धोखा देता है। अलेसांड्रा ने कहा कि ब्राजील में अगला सबसे बड़ा मायारो वायरस का है।

मानौस पर कोरोना महामारी ने बरपाया है बुरा कहर
गौरतलब है कि ब्राजील के मानौस के चारों तरफ अमेजन के जंगल हैं। कई सौ किलोमीटर तक फैले हुए मानौस में 22 लाख लोग रहते हैं। दुनियाभर में मौजूद 1400 चमगादड़ों की प्रजातियों में से 12 फीसदी सिर्फ अमेजन जंगल में रहते हैं। इसके अलावा बंदरों और चूहों की कई ऐसी प्रजातियां भी रहती हैं, जिन पर वायरस, पैथोजेन्स और बैक्टीरिया या पैरासाइट रहते हैं। ये कभी भी इंसानों में आकर बड़ी महामारी का रूप ले सकते हैं। मानौस में कोरोना वायरस के दो बड़ी और खतरनाक लहर आ चुकी है। जिसकी वजह से इस शहर में अब तक 9000 लोगों की मौत हो चुकी है।