ताइवान पर कब्जे की तैयारी में ड्रैगन, तैनात किया S-400 डिफेंस सिस्टम और मिसाइल

 19 Oct 2020 01:00 AM  188

पेइचिंग। चीन की सेना ताइवान पर बड़े हमले की तैयारी में जुटी हुई है। ताइवान से लगती सीमा पर चीन ने डीएफ-17 हाइपरसोनिक मिसाइल और एस- 400 एयर डिफेंस सिस्टम को तैनात किया है। चीन ने इस इलाके में तेजी से अपने सैनिकों की तादात को भी काफी बढ़ाया है। कई सैन्य पर्यवेक्षकों ने चिंता जताई है कि इस क्षेत्र में अपने ताकतवर हथियारों की तैनाती कर चीन सीधे तौर पर ताइवान को धमकी दे रहा है। ताइवान को भी सुरक्षा के लिए करने पकड़ेंगे तगड़े इंतजाम चीन ने पहले से ही इस क्षेत्र में डीएफ- 11 और डीएफ-15 मिसाइलों को तैनात किया हुआ है। माना जा रहा है कि अब इन पुरानी पड़ चुकी मिसाइलों की जगह अपने हाइपरसोनिक मिसाइल डीएफ-17 को तैनात करेगा। यह मिसाइल लंबी दूरी तक सटीक निशाना लगाने में माहिर है। ऐसे में अगर चीन हमला करता है तो ताइवान को अपनी सुरक्षा के लिए तगड़े इंतजाम करने पड़ेंगे।

2500 किमी तक मार कर सकती है डीएफ-17

चीन की डीएफ-17 मिसाइल 2500 किमी दूर तक हाइपरसोनिक स्पीड से लक्ष्य को भेद सकती है। इस मिसाइल को पहली बार पिछले साल चीन की स्थापना के 70वें वर्षगांठ के अवसर पर प्रदर्शित किया गया था। यह मिसाइल 15000 किलो वजनी और 11 मीटर लंबी है, जो न्यूक्लियर वॉरहेड को भी ले जा सकती है।

रॉकेट फोर्स और नेवी के कमांडो की तैनाती बढ़ी

कांवा डिफेंस रिव्यू के एडिटर इन चीफ आंद्रेई चांग ने कहा, सैटेलाइट इमेज से पता चला है कि हाल के वर्षों में फुजियान और गुआंगडोंग प्रांतों में चीन ने मरीन कॉर्प्स और रॉकेट फोर्स के कई नए ठिकाने बनाएं हैं। ये दोनों राज्य ताइवान के नजदीक स्थित हैं। इससे जताया जा रहा है कि किसी भी पल चीन ताइवान पर हमला कर सकता है।

‘जे-20’ स्टील्थ लड़ाकू विमानों को भी किया गया तैनात

इतना ही नहीं, चीन ने ताइवान की सीमा से सटे इलाकों में अपने कथित स्टील्थ लड़ाकू विमान जे-20 को भी तैनात किया है। दूसरे देशों पर हमला करने के लिए गठित चीन के 13 लड़ाकू ब्रिगेडों में से 10 लड़ाकू विमान अब ताइवान की सीमा पर तैनात हैं। चीन ने 2017 से ही अपने मरीन कॉर्प्स का मुख्यालय ग्वांगडोंग में स्थापित किया है। अगर ताइवान पर कोई भी हमला होताा है, तो चीनी नौसेना का यह रणनीतिक अड्डा बनेगा।