नेपाल में भूकंप: रिक्टर पैमाने पर 5.3 मापी गई तीव्रता, जान-माल का कोई नुकसान नहीं

 19 May 2021 08:28 AM

काठमांडू। नेपाल में बुधवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.3 मापी गई है। भूकंप का केंद्र लामजंग जिले के भुलभुले में स्थित था। राष्ट्रीय भूकंप केंद्र के अनुसार, स्थानीय समयानुसार तड़के करीब 5:42 बजे ये झटके महसूस किए गए। फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। 

नेपाल में आए भूकंप के झटके सीमा से सटे बिहार में भी महसूस किए गए हैं। बिहार के सीमावर्ती इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए। नेपाल में जहां भूकंप का केंद्र है, उससे बिहार के बेतिया शहर की सीमा 300 किलोमीटर दूर है। इससे पहले 28 अप्रैल को काठमांडू घाटी में 5.2 तीव्रता वाला भूकंप आया था।

भूकंप आने का कारण
हमारी धरती में चार परतें पाई जाती हैं।  इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर हिलती रहती हैं। जब ये प्लेट बहुत ज्यादा हिल जाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है। ये प्लेट क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वह स्थिर रहते हुए अपनी जगह तलाशती हैं इस दौरान एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे आ जाता है।


कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। दरअसल भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।


किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है

  • 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप बहुत कमजोर होता है। इससे सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
  • 2 से 2.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है।
  • 3 से 3.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर ऐसा महसूस होता है, जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया।
  • 4 से 4.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर घर की खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
  • 5 से 5.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप घर के फर्नीचर को हिला सकता है।
  • 6 से 6.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती हैं। बहुमंजिलों को नुकसान हो सकता है।
  • 7 से 7.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में फाइप फट जाती हैं।
  • 8 से 8.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप काफी खतरनाक माना जाता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8 8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी।
  • 9 और उससे ज्यादा रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पोधै, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है। भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा ताकतवर होता है।