जॉर्ज फ्लॉयड की मौत में पूर्व पुलिस अधिकारी डेरेक शॉविन दोषी करार

 22 Apr 2021 01:37 AM

वाशिंगटन। अमेरिका में मिनेसोटा राज्य की ज्यूरी ने अफ्रीकी-अमेरिकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड हत्या मामले में मिनीपोलिस के पूर्व पुलिस अधिकारी डेरेक शॉविन को दोषी ठहराया है। ज्यूरी ने शॉविन को सेकंड डिग्री मर्डर, थर्ड डिग्री मर्डर और सेकंड डिग्री मानववध के आरोपों में दोषी ठहराया। गौरतलब है कि 25 मई 2020 को फ्लॉयड को गिरतार करते समय शॉविन ने उसकी गर्दन पर नौ मिनट से अधिक समय तक अपना घुटना रखा था। गिरतारी के वक्त के बनाए गए वीडियो में फ्लॉयड कहता सुनाई दे रहा था कि वह सांस नहीं ले सकता, उस समय शॉविन का घुटना उसकी गर्दन पर था। इसके बाद फ्लॉयड अचेत हो गया और एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब फ्लॉयड को एक सुविधा स्टोर में 20 डॉलर का एक फर्जी बिल पास कराने के आरोप में पुलिस के हवाले किया गया था। इस घटना के विरोध में पूरी दुनिया में सामूहिक प्रदर्शन हुए थे। इस मामले में 45 वर्षीय शॉविन को कई वर्षों तक जेल में रहना पड़ सकता है। ज्यूरी ने मंगलवार को इस मामले का फैसला सुनाते हुए कहा कि शॉविन को आठ सप्ताह में सजा सुना दी जाएगी तब तक वह हिरासत में रहेगा। फ्लॉयड के परिवार के वकील बेन क्रम्प ने इस फैसले का स्वागत किया है। क्रम्प ने कहा कि आखिरकार जॉर्ज फ्लॉयड के परिवार को न्याय मिला। फैसले से पहले कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए मिनीपोलिस में नेशनल गार्ड के जवान तैनात किए गए थे।

मैंने जॉर्ज फ्लॉयड की बेटी से कहा कि तुम्हारे पिता ने दुनिया बदल दी: बाइडेन

राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बताया कि उन्होंने जॉर्ज फ्लॉयड की सात साल की बेटी जियाना फ्लॉयड से कहा कि उसके पिता की मृत्यु से वैश्विक बदलाव शुरू हुआ है। बाइडेन ने फैसले को दुर्लभ लेकिन अमेरिका में न्याय की ओर एक बड़ा कदम करार दिया। उन्होंने कहा कानून से बड़ा कोई नहीं हो सकता और आज का फैसला यही संदेश देता है।

फैसले के बाद मना जश्न

फैसले के बाद लोग झूमने और जश्न मनाने लगे। गुलाबी कोट पहने एक बच्ची केनेथ न्वाची ने इस खुशी में अपनी छोटी सी मुट्ठी हवा में लहराते हुए कहा कि मिनेपोलिस के लिए यह एक अच्छा दिन है। 21 साल की इस बच्ची ने कहा कि यह वरदान है। इस मामले में काम कर रहे एक्टिविस्ट का कहना है कि आखिरकार न्याय हुआ है और अब ऐसा लग रहा है कि कंधों से भारी बोझ उतर गया है। लोगों का मानना है कि इस फैसले के बाद काले लोगों पर पुलिस की ज्यादती पर लगाम लग सकेगी।