मंगल की सतह पर उतरा NASA अका इनगेनुइटी

 06 Apr 2021 01:30 AM

वॉशिंगटन। मंगल की सतह पर अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का हेलिकॉप्टर इनगेनुइटी लैंड कर चुका है। इसके साथ ही यह दूसरे ग्रह की धरती पर उतरने वाला पहला रोटरक्राμट बन गया है। मंगल की धरती बेहद ऊबड़-खाबड़ है इसलिए वहां न ऑर्बिटर देख सकते हैं और न रोवर जा सकते हैं। ऐसे में ऐसे रोटरक्राμट की जरूरत होती है जो उड़ कर मुश्किल जगहों पर जा सकें और हाई-डेफिनेशन तस्वीरें ले सकें। लेकिन मंगल की सर्द रातें भी रोटरक्राμट के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। नासा के अनुसार, एक्सपेरिमेंटल μलाइट के दौरान हेलिकॉप्टर टेक आॅफ के बाद अगर कुछ दूर भी घूमने में सफल रहा तो ये मिशन 90% सफल होगा। अगर यह सफलता से लैंड होने के बाद भी काम करता रहा तो 4 और μलाइट्स टेस्ट की जाएंगी। दरअसल, यह टेस्ट पहली बार किया जा रहा है इसलिए वैज्ञानिक इसे लेकर बेहद उत्साहित हैं और हर पल कुछ नया सीखने की उम्मीद में हैं।

सर्द रातें बन रहीं चुनौती

यह हेलिकॉप्टर आगे चलकर सौर ऊर्जा से भी चार्ज होगा जो मंगल पर धरती की तुलना में कम है, लेकिन इसमें हाई-टेक सोलर पैनल लगे हैं, जो यह काम आसान कर देंगे। हालांकि, बाद में इसका तापमान कम रखा जाएगा ताकि बैटरी ज्यादा खर्च न हो। मंगल ग्रह की रात बेहद सर्द होती है। यहां 130 डिग्री फॉरेनहाइट तक तापमान गिर सकता है और पहली रात इसे झेलने के बाद अगले दिन टीम देखेगी कि इनगेनुइटी का प्रदर्शन कैसा रहा?

वैज्ञानिकों की पैनी नजर

वैज्ञानिकों की टीम न सिर्फ ये देखेगी कि हेलिकॉप्टर कैसा चल रहा है, बल्कि इसके सोलर पैनल, बैटरी की हालत और चार्ज भी चेक करेगी। अगले कुछ दिन तक इन पैमानों को टेस्ट किया जाएगा। इस स्टेप के पूरा होने के बाद इसके रोटर ब्लेड्स को अनलॉक किया जाएगा और फिर इसके मोटर और सेंसर टेस्ट किए जाएंगे। मंगल के 30 दिन (धरती के 31 दिन) बाद इसकी एक्सपेरिमेंटल μलाइट की कोशिश होगी।