उत्तर कोरिया से मिलकर परमाणु-मिसाइल ताकत बढ़ा रहा पाकिस्तान

 09 Jun 2021 05:21 PM

इस्लामाबाद। चीन-पाकिस्तान और उत्तर कोरिया का गठजोड़ और हथियारों की तकनीक की तस्करी कोई नई बात नही है। लेकिन इसमें पिछले कुछ सालों में तेजी देखी गई है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि उत्तर कोरिया के  जहाजों ने पिछले तीन साल में दुनिया के कई देशों का रहस्यमय दौरा किया है। पाकिस्तान में इन जहाजों के दौरों को लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल तकनीक और परमाणु बम बनाने की मदद से जोड़ कर देखा जा रहा है। 
मिल चुके हैं सबूत :
पछले साल गुजरात के कांडला बंदरगाह पर एक चीनी जहाज से भारतीय जांच एजेंसियों ने आटोक्लेव (मिसाइलों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयोग होता है) बरामद किया था। यह आटोक्लेव पाकिस्तान की शाहीन मिसाइल के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला था। यह जहाज चोरी से पाकिस्तान के कराची बंदरगाह जा रहा था। 
उत्तर कोरिया के जहाजों का पाकिस्तान आना-जाना बढ़ना यह बता रहा है कि दोनों देशों के बीच कुछ संदेहास्पद चल रहा है। दोनों देशों के बीच परमाणु और मिसाइल टेक्नोलॉजी को लेकर कुछ हो रहा है। इस लेनदेने के संबंध पुराने हैं क्योंकि पाकिस्तानी परमाणु हथियारों के जन्मदाता एक्यू खान पर उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक देने का आरोप लगा था।
जून 2020 में आई एक जर्मन रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियारों को लेकर गठजोड़ चल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दोस्ती का मकसद हथियारों के जखीरे को पूरा करना, उनकी रेंज को बढ़ाना, उनकी क्षमता को सुधारना और नई हथियार प्रणाली को विकसित करना है।