घर में बिना मास्क बातचीत से कोरोना फैलने का खतरा

 10 Jun 2021 12:41 AM

वाशिंगटन। घरों में या बंद कमरों में मास्क लगाए बिना बातचीत करने से कोरोना संक्रमण फैलने का जोखिम सबसे अधिक है। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। इसमें बताया गया है कि बोलते वक्त मुंह से अलग-अलग आकार की बूंदें निकलती हैं । उनमें अलग अलग मात्रा में वायरस हो सकता है। अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक, सबसे चिंताजनक बूंदे वे हैं, जिनका आकार मध्यम है और जो कई मिनट तक हवा में रह सकती हैं।

वायरस युक्त बूंदों की भाप कई मिनटों तक हवा में तैर सकती हैं

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ डायबीटिज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीजेज के एड्रियान बेक्स ने कहा- हम सबसे देखा है कि जब लोग बात करते हैं तो थूक की हजारों बूंदे उड़ती हैं लेकिन हजारों बूंदें और होती हैं जिन्हें खुली आंखों से नहीं देखा जा सकता है। अध्ययन के वरिष्ठ लेखक बेक्स ने कहा- बोलते वक्त निकलने वाली इन वायरस युक्त बूंदों से जब पानी भाप बनकर निकलता है तो वे धुएं की तरह कई मिनटों तक हवा में तैर सकते हैं, जिससे अन्य के लिए जोखिम पैदा होता है। अनुसंधानकतार्ओं ने कोविड-19 वैश्विक महामारी की शुरूआत के बाद से वायरस प्रसार में एयरोसोल बूंदों के शारीरिक एवं चिकित्सीय पहलुओं पर किए गए कई अध्ययनों की समीक्षा की। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि सार्स-सीओवी-2 का वायुजनित प्रसार न केवल कोविड-19 को प्रसारित करने का मुख्य मार्ग है बल्कि सीमित स्थानों में मास्क लगाए बिना बातचीत करना उस गतिविधि को दशार्ता है जो दूसरों के लिए सबसे अधिक खतरा पैदा करती है। अध्ययन के लेखकों ने कहा कि खाना-पीना अक्सर घरों के भीतर होता है और आम तौर पर इस दौरान जोर-जोर से बात की जाती है, इसलिए इस बात को लेकर चौंकना नहीं चाहिए कि बार एवं रेस्तरां हाल में संक्रमण प्रसार का केंद्र बन गए थे। यह अध्ययन को इंटर्नल मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित हुआ।