सीरम इंस्टीट्यूट यूके में करेगा 240 मिलियन पाउंड का निवेश, साढ़े 6 हजार नौकरियां भी देगा

 04 May 2021 02:19 PM

लंदन। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया अपने वैक्सीन कारोबार का विस्तार करने के लिए  यूनाइटेड किंगडम (यूके) में 240 मिलियन पाउंड का निवेश करेगा और बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा करने के लिए एक नया सेल्स ऑफिस स्थापित करेगा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी भविष्य में यूके में ही वैक्सीन का निर्माण कर सकती है। कंपनी ब्रिटेन में लगभग 6,500 नौकरियों का सृजन करेगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट ऑफिस की ओर से घोषणा कर कहा गया कि कंपनी की ओर से 240 मिलियन ब्रिटिश पाउंड यानी (334 मिलियन डॉलर) का निवेश किया जाएगा, जो एक सेल्स ऑफिस समेत ‘क्लीनिकल ट्रायल, रिसर्च, डेवलपमेंट और संभवत: वैक्सीन के निर्माण में जाएगा।'

सीरम इंस्टीट्यूट वॉल्यूम के लिहाज से दुनिया में सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है। कोरोनावायरस के खिलाफ सस्ती एस्ट्राजेनेका वैक्सीन बनाने में आगे रहा है। कहा गया है कि भारत के सीरम इंस्टीट्यूट (SII) ने कोरोनावायरस के खिलाफ नजल वैक्सीन का यूके में फेज-1 ट्रायल शुरू कर दिया है। फिलहाल, कंपनी के सीईओ आदर पूनावाला लंदन में हैं। शनिवार को उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि वैक्सीन को लेकर उन्हें कुछ ताकतवर लोगों से धमकियां मिल रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की थी।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री के कार्यालय ने बताया कि SII की निवेश की योजना भारत के साथ हुई 1 बिलियन डॉलर की व्यापार और निवेश की डील का हिस्सा है, इस डील से 6,500 रोजगार पैदा होने की संभावना है। निवेश की यह घोषणा तब आई है, जब मंगलवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस होनी है।

पिछले साल यूरोपियन यूनियन से अलग होने के बाद से ब्रिटेन निवेश और व्यापार के लिए भारत को वरीयता दे रहा है। बोरिस जॉनसन साल की शुरुआत में भारत आने वाले थे, लेकिन उनकी यात्रा कोविड के चलते दो बार टल चुकी है। कोरोना की दूसरी लहर के पहले तक भारत SII निर्मित एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को कोवैक्स स्कीम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर देशों को निर्यात कर रहा था। हालांकि, कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते पिछले महीने इसके निर्यात पर रोक लगा दी गई थी। SII हर महीने 60-70 मिलियन एस्ट्राजेनेका की डोज बना रहा है और इसका लक्ष्य जुलाई तक इसे 100 मिलियन पर पहुंचाने का है।