ताइवान ने बताया चीन का सच तो भारतीय मीडिया पर भड़का ड्रैगन

 17 Oct 2020 12:50 AM  160

पेइचिंग। दुनिया के साथ कई देशों के साथ क्षेत्रीय विवाद पैदा करके बैठा चीन पूरे ताइवान पर अपना दावा ठोंकता है। कई बार उसकी सेना के जंगी जहाज ताइवान के एयरस्पेस में दाखिल होकर शक्ति प्रदर्शन भी करते हैं। यहां तक कि चीन ऐसे देशों के साथ भी कड़ाई से बर्ताव करता है, जो ताइवान से करीबी दिखाते नजर आते हैं। हाल ही में भारत के मीडिया ने जब ताइवान के प्रति नरम रुख दिखाते हुए उसे अपनी आवाज उठाने का मौका दिया, तो ड्रैगन को यह नागवार गुजरा है। दूतावास ने जताई आपत्ति चीन के प्रॉपगैंडा अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने चीन के दूतावास के हवाले से ट्वीट किया है- भारत में चीनी दूतावास कुछ भारतीय मीडिया के ताइवान अथॉरिटी के विदेशी संबंध विभाग के हेड जॉशिया जोसफ वू के इंटरव्यू, जो खुले तौर पर ताइवान की आजादी का समर्थन करते हैं, उसने वन-चाइना पॉलिसी का गंभीरता से उल्लंघन किया है और चीन की बॉटम लाइन को उकसाया है। आगे बताया गया है कि भारत में चीनी दूतावास ने इस बारे में आपत्ति जताई है व भारतीय मीडिया से अपील की है कि ताइवान की आजादी की मांग करने वालों को प्लेटफॉर्म न दिया जाए और लोगों को गलत संदेश देने से बचा जाए। विदेश मंत्री के इंटरव्यू बाद भड़का चीन: बता दें कि भारतीय मीडिया से इंटरव्यू में ताइवान के विदेश मंत्री जोसफ वू ने कहा, दुनिया के इस हिस्से में सिर्फ ताइवान को चीन से परेशानी नहीं है, जापान को ईस्ट चाइना सी में दिक्कत हो रही है, जहां समुद्र में चीन घुसपैठ कर रहा है, वहीं दक्षिण चीन सागर के पास देशों को भी परेशानी हो रही है। भारत-चीन सीमा के पास भी विवाद चल रहा है। जोसफ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संस्थानों को गंभीरता से ताइवान के अस्तित्व के बारे में सोचना चाहिए। जोसफ ने साफ कहा कि ताइवान चीन से बाहर है। उन्होंने कहा ऐतिहासिक तौर पर 1949 से ताइवान चीन का हिस्सा नहीं जब से चीनी रिपब्लिक की स्थापना हुई थी।

भारत और चीन विवाद पर विदेश मंत्री जयशंकर बोले- ‘बातचीत गोपनीय’

नई दिल्ली।पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच तनाव जारी है। हालांकि, इस तनाव को कम करने के लिए राजनयिक और कूटनीतिक स्तर पर वार्ता जारी है। इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा, भारत और चीन सीमा गतिरोध को हल करने के लिए वार्ता कर रहे हैं और यह दोनों देशों के बीच की गोपनीय बात है। एक आनलाइन सम्मेलन के दौरान चीन के साथ चल रही वार्ता के नतीजे के बारे में विशेष तौर पर पूछे जाने पर विदेश मंत्री ने कहा, चर्चा चल रही है और यह कार्य प्रगति पर है। जब ब्लूमबर्ग इंडिया इकोनॉमिक फोरम में उनसे सीमा की स्पष्ट स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, वार्ता चल रही है और यह दोनों देशों के बीच की गोपनीय बात है। उन्होंने कहा, मैं सार्वजनिक रूप से बहुत ज्यादा कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं। मैं निश्चित रूप से इसके लिए पहले से कोई अनुमान नहीं लगाना चाहता हूं।