इंसानों में बर्ड फ्लू का पहला केस रूस में मिला, सात कर्मचारी एच-5 एन-8 टाइप से संक्रमित, जानें लक्षण

 21 Feb 2021 05:17 PM

नई दिल्ली। अभी तक पक्षियों में फैलने वाली बीमारी बर्ड फ्लू अब इंसानों में भी फैलने की बात सामने आ रही है। रूस में बर्ड फ्लू से इंसानों के संक्रमित होने का पहला मामला सामने आया है। रूस के स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि की है। वेक्टर रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिकों ने बताया कि एक पोल्ट्री फार्म के सात कर्मचारी बर्ड फ्लू के एच-5 एन-8 प्रकार से संक्रमित पाए गए हैं, हालांकि उनमें से किसी में भी किसी तरह के गंभीर दुष्प्रभाव नहीं दिखे हैं। रूस ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को इसकी जानकारी दे दी गई है।

आमतौर पर बर्ड फ्लू से ज्यादातर पक्षी और मुर्गियां ही संक्रमित होती हैं, लेकिन इससे संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने पर इंसान भी संक्रमित हो सकते हैं। यह बीमारी बेहद ही खतरनाक है, जिससे मौत भी हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंसानों में बर्ड फ्लू से संक्रमण का पहला मामला साल 1997 में सामने आया था और तब से इससे संक्रमित होने वाले करीब 60 फीसदी लोगों की मौत हो चुकी है। 

इंसानों में कैसे होता है बर्ड फ्लू का संक्रमण? 
कोरोना की तरह बर्ड फ्लू वायरस में भी म्यूटेशन होता है। एच5एन1 पहला ऐसा बर्ड फ्लू वायरस था, जिसने पहली बार इंसान को संक्रमित किया था। इंसानों में यह बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाले पानी के संपर्क में आने से फैलती है। 

बर्ड फ्लू से संक्रमण का सबसे अधिक खतरा मुर्गी पालन से जुड़े लोगों को होता है, क्योंकि वो लगभग हर वक्त मुर्गियों के ही संपर्क में होते हैं। इसके अलावा संक्रमित जगहों पर जाने वाले लोगों, कच्चा या अधपका चिकन या अंडा खाने वाले लोगों के भी बर्ड फ्लू से संक्रमित होने का खतरा हमेशा बना रहता है। 

बर्ड फ्लू के लक्षण 
खांसी 
गले में खराश 
बुखार 
डायरिया (दस्त) 
बेचैनी 
मांसपेशियों में दर्द 

क्या न करें? 
अधपके अंडे और पोल्ट्री उत्पादों के सेवन से बचें
समय-समय पर अपने हाथों को साबुन-पानी से धोते रहें 
ऐसी जगहों पर जाने से बचें, जहां बर्ड फ्लू का प्रकोप है 
पक्षियों से दूर रहें 
स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं