मन की शांति के लिए बढ़ रहा गाय को गले लगाने का चलन

 19 Oct 2020 12:07 AM  151

एम्स्टर्डम। बकरियों के बीच योग से लेकर घंटियों की आवाज में सोने तक, सेहत की दुनिया में नए-नए ट्रेंड आ रहे हैं। इनका मकसद है ‘मन की शांति’ हासिल करना। क्योंकि आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई शांति ढूंढ रहा है। वहीं, अब नीदरलैंड्स में ‘अपना ख्याल रखने की एक परंपरा’ सेहत की दुनिया का नया ट्रेंड बनती जा रही है। स्थानीय भाषा में इसे ‘काऊ नफलेन’ कहते हैं, जिसका मतलब है गायों को गले लगाना। ये परंपरा गायों से सटकर बैठने के दौरान मिलने वाली मन की शांति पर आधारित है। गायों को गले लगाने वाले किसी फार्म का दौरा करते हैं और वहां किसी एक गाय के साथ घंटों तक सटकर बैठते हैं। गाय की पीठ थपथपाना और सटकर बैठना थैरेपी का हिस्सा गाय की पीठ थपथपना और उसके साथ सटकर बैठना या उसे गले लगा लेना, ये सब थैरेपी का हिस्सा हैं। अगर गाय पलटकर आपको चाटती है तो वो बताती है कि आपके और उसके बीच विश्वास कितना गहरा है। गाय के शरीर का गर्म तापमान, धीमी धड़कनें और बड़ा आकार सटकर बैठने वालों को शांति का एहसास देता है। ये एक सुखदायक अनुभव होता है। यही नहीं इससे गायों को भी सुखद एहसास होता है। ये उनकी पीठ खुजलाने जैसा है। उनसे सटकर बैठना, उन्हें चाटने देना ये सब इस चिकित्सकीय अनुभव का ही हिस्सा है।

गले लगाने से मिलता है ‘ऑक्सिटोसिन हार्मोन’

नीदरलैंड में गायों के एक फार्म की मालिक कहती हैं कि गायें आमतौर पर बेहद शांतिपूर्ण होती हैं, वो बेवजह लड़ती नहीं हैं और किसी को परेशान नहीं करती हैं। वो कहती हैं, गले लगाने के लिए तैयार की गई विशेष गायें तो और भी शांत होती हैं। जब एक गाय बोर हो जाती है तो वो उठकर चल देती है। माना जाता है कि गायों को गले लगाने से मनुष्यों के शरीर में ऑक्सिटोसिन निकलता है और इससे उन्हें अच्छा एहसास होता है। ये हार्मोन अच्छे सामाजिक संपर्क के दौरान निकलता है। माना जाता है कि ऑक्सिटोसिन मन में संतुष्टि की भावना लाता है, तनाव कम करता है और दोस्तों के साथ होने पर मन की शांति का एहसास कराता है।

बड़े जानवरों से ज्यादा शांति

ये माना जाता है कि पालतू जानवरों को गले लगाने से जो मन की शांति का एहसास होता है वो बड़े जानवर के साथ और ज्यादा बढ़ जाता है। जैसे जब हम सोफे पर किसी बिल्ली को गोद में बिठाकर जो महसूस करते हैं, वो अब गाय जैसे बड़े जानवर के साथ होने पर और बढ़ जाता है।

कई देशों में बढ़ रहा यह चलन

करीब एक दशक पहले नीदरलैंड्स में जानवरों के साथ समय बिताने की ये संस्कृति शुरू हुई थी। अब ये एक बड़े अभियान का हिस्सा है। अब तो रोटरडेम, स्विट्जरलैंड और यहां तक कि अमेरिका के भी फार्म हाउस लोगों को गायों को गले लगाने का अनुभव दे रहे हैं।

शोध के मुताबिक, यह अनुभव जानवरों के लिए भी सुखदायक

गायों को गले लगाना तनाव दूर करने का एक तरीका बनता जा रहा है। गले लगाने का ये अनुभव जानवरों के लिए भी सुखदायक हो सकता है। साल 2017 में किए गए एक शोध के मुताबिक गायों को जब उनकी गर्दन और पीठ के कुछ खास हिस्सों पर मसाज किया गया, तो वो शांत हुई, फैलकर लेटीं और उनके कान भी नीचे गिर गए। ये शोध एप्लाइड एनिमल विहैवियर साइंस जर्नल में प्रकाशित हुआ था। अब ऐसा भी हो सकता है कि डॉक्टर तनाव के शिकार लोगों को गायों के साथ समय बिताने के लिए कहें।