ट्रम्प की मुश्किलें बढ़ी: लाया जाएगा महाभियोग प्रस्ताव, US के पहले प्रेसिडेंट जिन्हें दूसरी बार करना पड़ेगा सामना

 11 Jan 2021 10:47 AM

वॉशिंगटन: अमेरिका में वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कार्यकाल से पहले ही हटाने की मांग तूल पकड़ रही है। कैपिटल हिल हिंसा के बाद यह फैसला लिया गया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर और ट्रंप की विरोधी नेंसी पेलोसी (Nancy Pelosi) ने इस बात को स्पष्ट कर दिया। उन्होंने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की अनुमति दे दी है। रविवार रात डेमोक्रेट सांसदों को भेजे एक पत्र में उन्होंने कहा कि सदन ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही को आगे बढ़ाएगा। अगर यह प्रस्ताव पारित होता है तो ट्रम्प अमेरिका के पहले ऐसे राष्ट्रपति बनेंगे जिन्हें दो बार महाभियोग का सामना करना पड़ा।  

खास बात यह है की अमेरिकी संसद भवन में भड़की हिंसा पर डेमोक्रेट्स को कुछ रिपब्लिकन नेताओं का भी साथ मिल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो उप राष्ट्रपति माइक पेंस भी डोनाल्ड ट्रंप से नाराज हैं। वहीं पेलोसी ने अपने पत्र में लिखा है कि जिन्होंने हमारे लोकतंत्र पर हमला करने के लिए लोगों को उकसाया, उन्हें दोषी ठहराया जाना बेहद जरूरी है। इस बात को चिह्नित करना जरूरी है कि इस कारनामे को एक राष्ट्रपति द्वारा बढ़ावा दिया गया। 

अपने पत्र में नेंसी पेलोसी ने इसकी वजह बताते हुए लिखा कि डोनाल्ड ट्रंप का राष्ट्रपति पद पर बने रहना अमेरिका के लिए खतरनाक है। क्योंकि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि वो कैपिटल हिल हिंसा जैसी घटनाओं के लिए अपने समर्थकों को फिर से नहीं भड़काएंगे। इसलिए जल्द से जल्द महाभियोग लाकर उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए। इससे पहले पेलोसी ट्रंप के इस्तीफे की बात भी कर चुकी हैं। उन्होंने एक बयान में कहा था कि संसद सदस्य उम्मीद करते हैं कि ट्रंप तत्काल इस्तीफा दे देंगे। लेकर अगर वह ऐसा नहीं करते तो मैंने रूल्स कमेटी को निर्देश दिया है कि वे सांसद जेमी रस्किन के 25वें संशोधन और महाभियोग के प्रस्ताव के साथ आगे बढ़ें। 

दूसरी ओर ट्रंप के प्रतिद्वंदी और अमेरिका के भावी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी कार्रवाई को लेकर दवाब बनाते दिखे। उन्होंने बिना ट्रंप का नाम लिए एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, 'कानून किसी ताकतवर इंसान को बचाने के लिए नहीं है. बाइडेन ने लिखा, ‘हमारा राष्ट्रपति कानून से ऊपर नहीं है। न्याय आम जनता की सेवा के लिए होता है। किसी ताकतवर इंसान को बचाने के लिए नहीं’। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों ने हाल ही में अमेरिकी संसद भवन में हिंसा और तोड़फोड़ की थी।इस हिंसा में 5 लोग मारे गए हैं।