ब्रिटेन के विशेषज्ञ बोले - भारत के वैरिएंट पर सभी टीके कम प्रभावी

 16 May 2021 12:02 AM

लंदन। ब्रिटेन में कोरोना से बचाव के लिए लगाए जा रहे टीके वायरस के बी 1.617.2 वैरिएंट को फैलने से रोकने में कम प्रभावी हैं। ब्रिटेन के एक प्रमुख वैज्ञानिक ने शनिवार को यह दावा कर चिंता बढ़ा दी है। यह वैज्ञानिक ब्रिटेन के टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा हैं। गौरतलब है कि कोरोना का बह 1.617.2 वैरिएंट भारत सहित 44 देशों में पाया गया है। डब्ल्यूएचओ ने भी इसे बेहद खतरनाक बताया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कोरोना के बी 1.617.2 वैरिएंट के मामलों की संख्या ब्रिटेन में एक हते के भीतर दोगुनी हो गई है। ऐसे में देश के जिन हिस्सों में वायरस का यह वैरिएंट तेजी से फैलने लगा है, वहां जांच और टीकाकरण में तेजी लाई जा रही है। बी1.617.2 वैरिएंट सबसे पहले भारत के महाराष्ट्र में मिला था। कोविशील्ड का गैप कम किया : ब्रिटेन ने अब एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड की दोनों डोज देने के बीच के समय को 8 हते कर दिया है। यह नियम 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए ही लागू किया गया है। पहले इनके लिए दोनों डोज के बीच के समय 12 हते का था। बाकी लोगों के लिए डोज का समय 12 हते ही रहेगा।