अमेरिका ने सीरिया में ईरान समर्थक समूहों पर किया हमला, 7 ठिकाने तबाह, 17 की मौत

 26 Feb 2021 11:18 AM

वाशिंगटन। अमेरिका में जो बाइडेन का एक्शन मोड देखने को मिल रहा है। यहां की सेना ने पूर्वी सीरिया में ईरान के समर्थन वाले सशस्त्र समूहों पर हमले किए हैं। यह हमला बतौर जवाबी कार्रवाई किया गया है। इससे पहले अमेरिका के इराक में बने सैनिक ठिकानों पर रॉकेट से हमला हुआ था। 

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने इस बारे में बताया- 'प्रेसिडेंट जो बाइडेन के निर्देश पर अमेरिकी मिलिट्री फोर्सेज ने गुरुवार को पूर्वी सीरिया में ईरानी सशस्त्र समूहों के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया है।' 
इस दौरान अमेरिकी प्रवक्ता का रूख काफी तिखा देखने को मिला। उन्होनें साफ शब्दों में कहा कि यह कार्रवाई इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए रॉकेट हमलों के जवाब में की गई है। जॉन किर्बी ने कहा, 'अमेरिकी और नाटो सेनाओं के सैन्य ठिकानों पर हाल ही में इराक में हुए हमलों के जवाब में यह एक्शन हुआ है।'

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अमेरिकी फाइटर जेट्स ने 7 ठिकानों को निशाना बनाया है। इस हमले में 7 500-आईबी बम गिराए गए हैं। इनमें से एक ठिकाना ईरान और सीरिया के बॉर्डर पर स्थित क्रॉसिंग भी है। अमेरिका का कहना है कि इस क्रॉसिंग का इस्तेमाल ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हथियारों के मूवमेंट के लिए करते थे। किर्बी ने कहा कि इन हमलों में ईरान समर्थित समूहों के कई ठिकाने तबाह हो गए हैं। इन समूहों में कताएब हिजबुल्ला और कताएब सैयद अल-सुहादा शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि इस हमले में एक दर्जन से ज्यादा ईरान समर्थित लड़ाके  मारे गए हैं। सीरिया के एक मानवाधिकार संगठन ने इस हमले में मारे जाने वालों की पुष्टि की है। संगठन सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के डायरेक्टर रामी अब्दुल रहमान ने कहा, 'अमेरिकी हमलों में तीन ट्रक तबाह हो गए हैं, जिन पर ईरान समर्थित समूहों ने हथियार लाद रखे थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में मौतें भी हुई हैं। शुरूआती जानकारी मिली है कि करीब 17 लड़ाके मारे गए हैं।' ग्रुप का कहना है कि मारे गए सभी लड़ाके हाशद अल-शाबी ग्रुप के हैं, जो ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों का प्रमुख संगठन है।