अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 4 साल के कार्यकाल में 72 पर्यावरण कानून बदले

 17 Oct 2020 10:40 AM  129

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हमेशा से वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए तर्कों को गलत मानते आए हैं. हाल ही में कि गई एक स्टडी के मुताबिक ट्रम्प ने अपने चार साल के कार्यकाल में प्रमुख जलवायु नीतियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। यह दावा अमेरिका के प्रमुख अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक स्टडी के आधार पर किया है. स्टडी बताती है कि ट्रम्प ने अपने कार्यकाल में 72 पर्यावरण कानून बदले हैं। वहीं दूसरी और वो 27 और कानूनों को बदलने की कोशिश में हैं। 

कैसे बदले ट्रम्प ने यह कानून? 

रिपोर्ट का दवा है कि,  यह  पर्यावरण सम्बन्धी कानून बदलने के लिए ट्रम्प ने एन्वायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी का इस्तेमाल किया है। इसी के चलते ओबामा काल में पावर प्लांट, ट्रकों और गाड़ियों पर कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के नियमों को भी ट्रम्प काल में कमजोर किया गया है। अमेरिका में आधे से ज्यादा वेटलैंड की सुरक्षा रद्द कर दी गई है। सिर्फ इतना ही नहीं, पावर प्लांट पर लगी पारा के उत्सर्जन नियमों को भी हटा लिया गया। 

इन कानूनों को कमजोर करने से प्रकृति पर असर पड़ रहा है. ट्रम्प के कार्यकाल में ही अमेरिका के गृह विभाग ने वन्य जीव सुरक्षा कानून को भी कमजोर कर दिया है. यह निर्णय इसलिए लिया गया कि तेल और गैस उद्योग को ज्यादा जमीन लीज पर दी जा सके।

हार्वर्ड लॉ स्कूल की पर्यावरण और ऊर्जा कानून विशेषज्ञ हेना विजकारा बताती हैं कि ट्रम्प प्रशासन ने जलवायु परिवर्तन की नीतियां कमजोर की हैं। दूसरी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी की विशेषज्ञ हिलेरी एडन भी मानती हैं कि ट्रम्प के नियम तर्क संगत नहीं है। इसके चलते वे कानूनी कार्रवाई में घिर सकते हैं.