8 साल पहले किया था 50 हजार संपत्तियां जोड़ने का दावा, जुड़ पाई सिर्फ 11 हजार

 14 Jun 2021 12:19 AM

जबलपुर । 8 साल पहले नगर निगम ने शहर में नई संपत्तियां जोड़ने के लिए भोपाल की एक एजेंसी को हायर किया था जिसने गूगल मैप से नई संपत्तियां खोजने का दावा किया था। यह कंपनी अपने दावे पर तो खरी न उतर पाई मगर नगर निगम के खजाने से 2 करोड़ रुपए जरूर ले गई। अब साल भर से इस दिशा में खुद राजस्व अमला जरूर सक्रिय हुआ है जिसने 11हजार 500 नई संपत्तियां खोजी हैं। शहर की आबादी 14 लाख से ऊपर हो चुकी है,मगर नगर निगम में अब तक संपत्तियों की संख्या 2 लाख 75 हजार तक ही पहुंची है। नई संपत्तियां बेहिसाब हैं मगर इन्हें खोजा नहीं जा रहा है। इससे नगर निगम के खजाने में हमेशा संपत्तिकर का टोटा बना रहता है। संभवतय पहली बार इस साल संपत्ति कर 100 करोड़ रुपए आया है जिससे उत्साहित होकर जारी वर्ष में इसका लक्ष्य 206 करोड़ रखा गया है।

30 हजार खोजी थीं नई संपत्तियां

राजस्व विभाग ने 30 हजार नई संपत्तियां खोज तो ली थीं मगर रिकॉर्ड में 11 हजार 500 ही चढ़ पाई हैं। इनमें भी 10 हजार 300 आवासीय श्रेणी की हैं और 12सौ व्यवसायिक संपत्तियां हैं। इससे उन्हें नियमित संपत्तिकर मिलने का रास्ता खुला है। चिन्हित की गई बाकी संपत्तियों को भी दर्ज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए बाकायदा राजस्व अमला अभियान चलाने वाला है।

कोरोना से प्रभावित हुई वसूली

नगर निगम ने गुजरे विततीय वर्ष में 409 करोड़ रुपए का ओवरआल टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा था,जिसमें 188 करोड़ संपत्ति कर वसूला जाना था। कोरोना के चलते वसूली कम हुई और संपत्तिकर के रूप में 100 करोड़ पर ही संतोष करना पड़ा।