गहराने लगा जल संकट, बोरिंग के खारे पानी से प्यास बुझाने की मजबूरी

 04 May 2021 12:32 AM

जबलपुर । गर्मी गहराते ही शहर व आसपास जलसंकट गहराने लगा है। आलम यह हैै कि कहीं तो नर्मदा किनारे बसे लोग भी पानी को तरस रहे हैं तो कहीं टंकी बनकर तैयार है,पाइप लाइन बिछ गई हैं मगर लोगों को कनेक्शन नहीं मिल रहे हैं,नतीजतन वे बोरिंग का खारा पानी ही पीने के लिए मजबूर हैं। शहर में शामिल वार्ड क्रमांक 74 में कुछ ऐसी ही हालत है। यहां कुदवारी,महुआखेड़ा गांवों के लोग आज भी नर्मदा जल से वंचित हैं। अमृत योजना के अंतर्गत यहां पर पानी की टंकी बनकर बरसों से तैयार है,पाइप लाइनें भी बिछाई गई हैं मगर कनेक्शन नहीं हो पाए हैं जिसके चलते लोग पानी के लिए दूर-दूर तक भटकते हैं। इसका कारण यह है कि यहां पर बोर तो पर्याप्त हैं मगर इनसे मीठा पानी नहीं आता। रोड किनारे कई हैंडपंप नजर तो आते हैं मगर किसी में पानी नहीं निकलता। ज्यादातर बोर में भी जलस्तर नीचे जा चुका है। पीने के पानी के लिए उन्हें दूर-दूर तक कवायद करनी होती है। आपरेटिंग है मुख्य समस्या इस परेशानी का कारण बहुत हद तक मशीन की आपरेटिंग सिस्टम को माना जा रहा है। लोगों ने बताया कि आपरेटर पर पंचायत का कोई नियंत्रण नही है उसके द्वारा मनमर्जी से लोगो को मेन लाइन से कनेक्शन प्रदान कर दिए गए है । जिससे पानी नलों में तेज गति से आ ही नही पाता , दूसरा आपरेटर द्वारा अपनी मर्जी से नालो को चालू व बन्द किया जाता है । जिससे लोगो समयावधि निश्चित न होने के कारण घंटो अपने बर्तन लेकर लाइन में लगे रहना पड़ता है । इस कारण लोगो को रात के 12 बजे से 2 बजे तक पानी के लिए जागना पड़ता है । पीड़ित लोगों ने बताया कि आपरेटर और अन्य समस्याओं को लेकर समय समय पर पंचायत सरपंच व सचिव को बताया जाता है परन्तु इनके द्वारा इस विकराल समस्या का कोई स्थायी निदान नही किया जा रहा है । जिससे लोगो को पानी के लिए भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है ।

कोरोना के बीच पानी के लिए लगता है लोगों का झुंड

शहर के आसपास भी जलसंकट शुरू हो गया है। बरगी के 4 वार्डो में यह समस्या विकराल हो चुकी है। वार्ड क्रमांक 1,2,3,4 11,12 व 19,20 में पानी की समस्या पूरे वर्ष बनी रहती है लेकिन गर्मी के आते ही यह समस्या अपना विकराल रूप धारण कर लेती है । पानी को नलों से भरने के लिए जहां लोगो को बहुत सुबह से ही लंबी कतारें लगाना पड़ती है और इंतजार करना पड़ता है वही इसे भरने के लिए लड़ाई झगड़ा तक करना पड़ता है । लोगो द्वारा लगातार पंचायत स्तर पर इसकी शिकायत की जाती है पर जिम्मेदारों के कानों में जूं तक नही रेंगती । जिससे लोगो को अनावश्यक भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है ।