3 सौ के पार पहुंचे डेंगू के मरीज, रोकथाम के दावे सिर्फ कागजों में

 08 Sep 2021 12:13 AM

जबलपुर । कोरोना की दूसरी लहर के कहर से संभला शहर अब मच्छरों के हमले से कराह रहा है। बदहाल शहर में प्रत्येक चार कदम में डेंगू का लार्वा पनप रहा है। हर तीसरे घर में लोग बुखार से पीड़ित है। जिले में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 300 पार हो गया है। वहीं डेंगू रोकथाम के लिए जिला मलेरिया विभाग व नगर निगम के सभी प्रयास सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। वहीं जमीनी स्तर पर न तो लोगों की कॉलोनी में लार्वा विनष्टीकरण कैमिकल का छिड़काव हो रहा है और न ही मच्छरों को भगाने के लिए धुंआ करने वाला वाहन सड़कों में दिखाई दे रहा है। मंगलवार को डेंगू के 12 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद जिले में कुल 304 मरीज डेंगू के हो गए है। सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती मरीज के परिजनों का कहना है बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बुखार से पीड़ित है। बीमारियों की रोकथाम की तमाम कवायद के बाद भी इसे रोकने में प्रशासन लचर दिख रहा है। रोजाना डेंगू के नए-नए मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। बुखार से बिगड़ रही हालत के बाद मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पतालों में बेड खाली नहीं मिल रहे है। भर्ती मरीजों को प्लेटलेट्स मिलने में अभी भी दिक्कत बनी हुई है। सौ से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों के बीच में सिर्फ एक निजी ब्लड लैब में सिंगल डोनल प्लेटलेट्स की सुविधा है। जिला मलेरिया कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डेंगू लार्वा विनष्टिकरण के लिए जिले में 80 टीम बनाई गई है। जो कॉलोनियों में कैमिकल का छिड़काव के साथ लोगों को एहतियात बरतने की जानकारी दे रही है। वहीं मच्छरों का भगाने के लिए नगर निगम द्वारा धुंआ कराया जाता है।

सब फर्जी आंकड़े दर्ज कर रहे हैं जिम्मेदार

गंगानगर निवासी पुष्पेंद्र पाल बताते है कि कॉलोनी में डेंगू से 5 मरीज पीड़ित है। वहीं लगातार डेंगू मच्छर लोगों को बीमारी से ग्रसित कर रहा है। कुछ दिन पहले नगर निगम की टीम द्वारा डेंगू मरीजों का सर्वे किया गया, जिसमें उन्होंने कैमिकल का छिड़काव हुआ है कि नहीं पूछा। उन्होंने कैमिकल का छिड़काव नहीं होने की बात कही, लेकिन टीम ने एंटी लार्वा कैमिकल का 3 बार छिड़काव हो चुका है लिखा है। जब उन्होंने इस बारे में अधिकारियों से शिकायत किया तो उन्होंने ने भी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया।

कागजों में बताया 5 बार हो चुका छिड़काव

नव निवेश कॉलोनी निवासी पप्पू विश्वकर्मा बताते हैं कि डेंगू की रोकथाम के लिए नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रयास कागजों तक सीमित है। कॉलोनी में नालियों की सफाई के लिए बीते दिनों वह शिकायत करने नगर निगम गए। जहां उन्होंने डेंगू लार्वा विनष्टिकरण की दवाई का छिड़काव करने का निवेदन भी किया। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि उनकी कॉलोनी में 5 बार एंटी लार्वा कैमिकल का छिड़काव हो चुका है। जबकि हकीकत यह है कि कैमिकल का छिड़काव करने वाली टीम अभी तक उनकी कॉलोनी में नहीं पहुंची है।

डेंगू के 15 मरीज पॉजिटिव, नहीं हुआ छिड़काव

रांझी निवासी मुकेश परिहार बताते हैं कि रांझी की कुछ घनी आबादी में डेंगू के सबसे ज्यादा पॉजिटिव मरीज सामने आए है। उसके बावजूद रोकथाम की कवायद कुछ दिनों पहले तक उन कॉलोनियों में हुई लेकिन जैसे ही डेंगू की बीमारी जोर पकड़ी, वैसे ही नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कॉलोनियों में डेंगू लार्वा विनष्टिकरण कैमिकल का छिड़काव व धुंआ देना बंद कर दिया। मुकेश के मुताबिक उनकी कॉलोनी में आज तक कैमिकल का छिड़काव करने वाली टीम ने विजिट नहीं किया है, जबकि 15 डेंगू के मरीज उनकी कॉलोनी में पॉजिटिव पाए गए है।