पहली बार बिना कहीं रुके दौड़ाई धड़धड़ाती ट्रेन

 15 May 2021 12:29 AM

जबलपुर । भारतीय रेलवे द्वारा कोरोना काल में मरीजों को बचाने के लिए जीवन रक्षक के रूप में तरल चिकित्सा आक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश में आक्सीजन स्पेशल ट्रेन लेकर आने वाले चालक दल ने अपने अनुभव साझा किए हैं। मध्य प्रदेश के लिए 12वीं आक्सीजन एक्सप्रेस को तरल चिकित्सा आक्सीजन से भरे 2 टैंकरों के साथ रोल आन-रोल आफ सेवा 14 मई को दोपहर 15.50 बजे बोकारो से रवाना हुई और 15 मई को सागर मकरोनिया पहुंची। इस आक्सीजन एक्सप्रेस के 2 टैंकरों में 22.26 मीट्रिक टन तरल चिकित्सा आक्सीजन भरी है। आक्सीजन एक्सप्रेस से 02 टैंकर तरल चिकित्सा आक्सीजन मकरोनिया सागर में अनलोड किए गए। आक्सीजन एक्सप्रेस पश्चिम मध्य रेल के न्यू कटनी पहुंची और वहाँ से मकरोनिया के रवाना हुई तो आक्सीजन एक्सप्रेस को चलाने वाले चालक दल एवं गॉर्ड ने अपने अनुभव साझा किए।

पूरे रास्ते मिला ग्रीन कॉरीडोर

जबलपूर मण्डल के न्यू कटनी जंक्शन में पदस्थ लोको पायलट सुभाष चन्द्र बताते है कि आक्सीजन एक्सप्रेस चलाने में मुझे बहुत खुशी हुई और चिकित्सालय में आक्सीजन की आपूर्ति होने से मरीजों को इलाज में कोविड संक्रमण के चलते उनके जीवन की रक्षा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने ने बताया कि 02 टैंकरों में 22.26 मीट्रिक टन मेडिकल आक्सीजन लेकर आए और रास्ते में ग्रीन कॉरोडोर के तहत प्रत्येक स्टेशन पर ग्रीन सिग्नल मिला । कटनी से मकरोनिया तक बिना रुके निरंतर आक्सीजन एक्सप्रेस चलाकर मुझे बहुत खुशी मिली और अन्य रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिला जिससे मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। -सुभाष चंद्र,लोको पायलट,एनकेजे

सौभाग्यशाली हूं कि ये मौका मिला

जबलपूर मण्डल के न्यू कटनी जंक्शन पर पदस्थ गॉर्ड एस.एन.विश्वकर्मा ने बताया कि ये मेरी दूसरी आक्सीजन एक्सप्रेस ले जाने का सौभाग्य मिला है। मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे आक्सीजन ले जाने का मौका मिला। मेरी यही आशा करता हूँ कि मरीजों को जल्द से जल्द आक्सीजन की आपूर्ति हो सके जिससे उनको इलाज में मदद मिल सके। इस दौरान उन्हें इस सेक्शन में सभी जगह ग्रीन सिग्नल मिले जिससे कि वो ट्रेन की सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करते हुए परिचालन किया। इसके पहले मैंने न्यू कटनी से फरीदाबाद तक की सर्वाधिक दुरी ट्रेन चलाने का अनुभव प्राप्त किया। मैंने देखा ट्रेन संचालन से जुड़े हुए सभी रेल कर्मचारी पूरी सतर्कता व समर्पण के साथ कार्यरत थे। -एसएन विश्ककर्मा,गार्ड,एनके जे