हैलो, प्लीज आप लोग बेटे की शादी में मत आना, मजबूरी समझें... - कलेक्टर के आदेश के बाद शादी वाले घरों की बढ़ी मुसीबत

 27 Nov 2020 12:04 PM


(नेहा ठाकुर) जबलपुर। हैलो, चाचा प्लीज आप मेरे बेटे की शादी समारोह में मत आना, जबलपुर कलेक्टर ने बारात में 50 और शादी समारोह में 200 लोग शामिल होने का आदेश जारी कर दिया है। क्या करें कलेक्टर का आदेश है, नहीं मानेंगे तो घराती-बाराती और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। ऐसा ही माहौल इन दिनों शादी वाले घरों में देखने को मिल रहा है। वह अपने नाते-रिश्तेदार और दोस्तों को फोन करके शादी समारोह में शामिल नहीं होने का आग्रह कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 24 नवंबर को कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार बारात में अधिकतर 50 लोग, होटल में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में 100 लोग और खुले स्थान पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में अधिकतर 200 लोग शामिल हो सकते हैं।

घर की आखिरी शादी 
गंगानगर निवासी आलोक पटेल बताते हैं उनके छोटे बेटे की शादी 3 दिसंबर को है। पिछले दो महीने से शादी की तैयारी चल रही है। होटल, घोड़ी, बाजा पहले से बुक कर लिया है। लेकिन शादी में अब किन लोगों को शामिल करें, किनको नहीं समझ नहीं आ रहा है।

इकलौती बेटी की शादी, सभी रिश्तेदार नहीं हो सकेंगे शामिल 
सदर निवासी प्रेमलता पटेल बताती हैं कि उनकी एकलौती बेटी की शादी 6 दिसंबर को है। घर की पहली और आखिरी शादी है। करीब डेढ़ महीने पहले से शादी की तैयारी चल रही है। करीब 700 लोगों के लिए होटल बुक किया है, जिसकी आधा पेमेंट होटल मैनेजर को कर दिया है। लेकिन आदेश के बाद घर में जैसे शादी की रौनक ही चली गई है।


रिश्तेदार शादी में शामिल होने से कर रहे इंकार 
नवनिवेश कॉलोनी निवासी उमेश कुमार बताते हैं कि उनके बेटे की शादी 10 दिसंबर को है। शादी की तैयारी एक महीने पहले से चल रही है। करीब तीन सौ रिश्तेदार को शादी के कार्ड वितरित हो चुके हैं और अब उन्हीं रिश्तेदारों को फोन करके शादी में शामिल नहीं होने का बोलना पड़ रहा हैं, जिससे रिश्तेदार झगड़ा कर रहे हैं और रिश्ता खत्म करने की बात कर रहे हैं।

कुछ समझ ही नहीं आ रहा 
गढ़ा निवासी पंकज जायसवाल बताते हैं कि उनकी बिटिया की शादी 2 दिसंबर को है। रिश्तेदार अधिक होने के चलते घर के पास मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया था। करीब ढाई सौ लोगों को शादी का न्यौता दिया जा चुका है। केटर्स, टेंट सब कुछ पहले से ही बुक कर दिया है। लेकिन 200 लोगों की लिमिट ने जैसे शादी में ग्रहण लगा दिया है।  

कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। शादी समारोह में जितने कम लोग शामिल होंगे, संक्रमित होने का खतरा उतना ही कम होगा।
- कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर, जबलपुर