अदालतों में पैरवी के लिए नहीं पहुंचे वकील

 08 Sep 2021 12:20 AM

जबलपुर । अधिवक्ता अक्षत सहगल पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में जबलपुर के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को स्वयं को न्यायलयीन कार्य से विरत रखकर प्रतिवाद दिवस मनाया। जिस कारण अदालतों में मॉयलार्ड की गूंज सुनाई नहीं दी। अधिवक्ताओं ने हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए अपना विरोध जताया, साथ ही पुलिस पर उदासीन व लापरवाही बरतने के आरोप भी लगाए। हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के सचिव मनीष तिवारी ने बताया कि तीनों अधिवक्ता संघों की हुई संयुक्त सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अधिवक्तागणों पर लगातार प्राणघातक हमले हो रहे हैं एवं पुलिस का रवैया लगातार उदासीन होता जा रहा है। हमला करने वाले अपराधी खुलेआम घूम रहे हंै और उनके हौसले बुलंद हैं। उक्त सभी मुद्दों को देखते हुये संयुक्त सभा में लिए गए निर्णय अनुसार 6 सितंबर को अधिवक्ताओं ने भोजन अवकाश के बाद तथा 7 सितंबर को पूर्ण दिवस अधिवक्तागण न्यायालयीन कार्य से विरत रहकर अपना विरोध दर्ज कराया।

आरोपियों की गिरफ्तारी की हाईकोर्ट बार ने की मांग

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन पटेल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पारितोष त्रिवेदी, एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज शर्मा एवं सचिव हरप्रीत सिंह रूपराह, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक एवं सचिव राजेश तिवारी एवं मप्र उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष शंभुदयाल गुप्ता, सह सचिव पंकज तिवारी, कोषाध्यक्ष ओपी अग्निहोत्री, पुस्तकालय सचिव प्रमेन्द्र सेन, कार्यकारिणी सदस्य योगेश सोनी, मनोज कुमार रजक, अजितेश तिवारी, प्रियंका मिश्रा, यश सोनी, संगीता नायडू एवं अजय शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागणों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।