Exclusive : नरसिंहपुर में कोरोना की तबाही के बाद फूटा केंद्रीय मंत्री के भतीजे का गुस्सा, अपनी ही सरकार को लिया आड़े हाथ

 29 Apr 2021 05:50 PM

पीयूष सिंह राजपूत/जबलपुर. नरसिंहपुर में कोरोना से उत्पन्न हुए भीषण संकट ने प्रशासन के सारे दावों की पोल खोल दी है। जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और मदद के नाम पर सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इससे परेशान होकर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के भतीजे और नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटेल के पुत्र मोनू पटेल (मणिनागेन्द्र सिंह पटेल) ने शासन-प्रशासन को आड़े हाथ लेना शुरू दिया है। मोनू पटेल ने नरसिंहपुर के बिगड़ते हालात पर तीखे शब्दों में कहा कि शासन की आखिर मंशा क्या है, ये समझ से परे है। उन्होंने जिले के कोविड प्रभारी मंत्री पर भी सवाल उठाए हैं।

मदद के नाम पर भेज दिए केवल 3 इंजेक्शन?

मोनू पटेल ने अपने सोशल मीडिया पेज पर सबसे पहले अपने क्षेत्र में भर्ती कोविड मरीजों की सूची जारी की और लिखा, साहब बचा लो हमें। गोटेगांव के शासकीय अस्पताल में 17 मरीज एडमिट हैं और श्रीधाम अस्पताल में 22 मरीज एडमिट हैं। इंजेक्शन की मांग की गई तो प्रशासन द्वारा मात्र 3 इंजेक्शन ही भेजे गए। शासन की क्या मंशा है? ये तो शासन के लोग ही जानें।  नगर के अस्पतालों की ओर से जिला प्रशासन से रेमेडिसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति की मांग की जा रही है। इसके साथ ही से रेमेडिसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी और चोरी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। जिसने इस समस्या को और जटिल बना दिया है।

मैं बहुत परेशान हो गया हूं : मोनू

केंद्रीय मंत्री के भतीजे मोनू पटेल से जब पीपुल्स समाचार डिजिटल की टीम ने बात की तो उन्होंने कहा, मैं हमेशा से ही जनता के बीच रहा हूं। मैं हमेशा निस्वार्थ भाव से लोगों की मदद के लिए तैयार रहता हूं। इस संकट की घड़ी में भी लोगों को मुझसे उम्मीदें थीं पर संकट इतना बड़ा है कि व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं है। प्रशासन कोई मदद नहीं कर रहा है, इससे मैं बहुत असहाय और परेशान महसूस कर रहा हूं। मैं बहुत विचलित हो गया था, जिसके बाद मैंने अपनी बात सोशल मीडिया पर लिखी।

चार दिन पहले लिखा था 'कड़वा सच'

मोनू पटेल ने चार दिन पहले अपने फेसबुक पेज पर लिखा, 

“सत्य है लेकिन कड़वा है”
 आज मेरे मन और मेरी अंतरात्मा नहीं मानी तो मैंने यह लिखने का सोच लिया। मुझे भी लगने लगा है कि गरीब और मिडिल क्लास में पैदा होना पाप हो गया है। मेरे पास में हर दिन हजारों लोगों के फोन आते हैं लेकिन मैं इतना असहाय महसूस कर रहा हूं कि मैं सिर्फ कुछ लोगों की ही मदद कर पाता हूं। इसके लिए मैं स्वयं को जिम्मेदार नहीं मानता क्योंकि मैं आपके लिए हर वह काम करता हूं जिससे आप का भला हो, आपके परिवार का भला हो। लेकिन आज मुझे मेरे सिस्टम को देखते हुए यह लगता है कि क्या मध्य प्रदेश सरकार इतनी कमजोर हो गई है कि वह किसी की मदद नहीं कर पा रही है?

मुझे खुद पर दया आने लगी है

मोनू पटेल ने आगे लिखा, मुझे लगने लगा है कि सरकार के साथ-साथ पूरा सिस्टम कमजोर हो चला है क्योंकि जब मैं किसी व्यक्ति का फोन उठाता हूं तो सिर्फ दूसरी तरफ से एक ही आवाज आती है कि भैया मेरे लिए ऑक्सीजन और सिलेंडर की व्यवस्था करा दो। जहां तक मुझसे बन पाता है मैं तन मन धन सभी प्रकार से प्रयास आप लोगों के लिए करता हूं। लेकिन इस लचर सिस्टम को देखते हुए मुझे, खुद पर भी दया आने लगी है कि मैं मोनू पटेल आप लोगों के लिए हमेशा तत्पर रहता हूं लेकिन यह समय इस तरीके से आया है कि मैं आपकी हर संभव मदद नहीं कर पा रहा हूं।

सिस्टम फेल, पर मैं आपके लिए हमेशा खड़ा हूं

मोनू पटेल ने भावुक कर देने वाले पोस्ट में आगे लिखा, भगवान का शुक्र है कि मैं अपने हिसाब से आप लोगों की मदद कर रहा हूं। लेकिन इस पूरे सिस्टम ने मेरी आंखों से आंसू निकाल दिए हैैं। हर दिन जब मैं सोशल साइट पर जाता हूं तो यही सुनने आता है कि किसी की मां, किसी का बच्चाा, किसी का बेटा, किसी का पति अब इस दुनिया में नहीं रहा। इसे देखकर मेरा मन पागल हो जाता है तब मुझे लगता है कि शायद मैं भी आप लोगों के लिए कुछ नहीं कर पा रहा हूं।

विधायक पिता हैं पॉजिटिव

मोनू पटेल के पिता भाजपा के पूर्व मंत्री व नरसिंहपुर विधायक जालमसिंह पटेल भी कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। वे जबलपुर के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। इस सबके बीच मोनू क्षेत्रीय जनों की हर संभव मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में स्वयं के संसाधनों से प्रशासन को मरीजों के लिए नए बिस्तर, ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर उपलब्ध कराए हैं।

ऐसे हैं नरसिंहपुर के हालात

बता दें कि नरसिंहपुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 7500 पार कर चुकी है। 27 अप्रैल के यहां 250 कोरोना पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया था। वहीं सरकारी आंकड़ोंं के मुताबिक 48 लोगों की जान जा चुकी है।