ड्यूटी करते थक गई नर्सें, आराम नहीं मिल रहा, परिजन भी हो रहे संक्रमित

 03 May 2021 12:01 AM

जबलपुर । नर्सेस एसोसिएशन के अनुसार मेडिकल में ड्यूटी करते-करते नर्सें थक चुकी हैं। उन्हें आराम भी नहीं मिल रहा है और परिजनों को भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है। एसोसिएशन ने प्रबंधन को इसके लिए विकल्प की मांग की है। उल्लेखनीय है कि पिछले एक साल से कोरोना संक्रमण के चलते सबसे ज्यादा नर्सों से काम लिया जा रहा है। इतना ही नहीं कई बार स्टाफ की कमी के चलते उन्हें डबल ड्यूटी भी करना पड़ रही है। इसके अलावा कई नर्सेस अवकाश भी महीनों से नहीं ले पार्इं हैं।

संविदा पर करें विचार

वर्तमान में मरीजों की तादाद बढ़ने पर नर्सेस ने प्रबंधन से संविदा आधार पर नियुक्ति करने की मांग भी की है। वहीं नर्सिंग स्टूडेंट को मानदेय के आधार पर सेवाएं ली जा सकती हैं। इस मांग पर यदि गंभीरता से विचार किया जाए तो स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर हो जाएंगी और नर्सेस की कमी भी दूर हो जाएगी।

कर्मचारी संघ ने लगाया आरोप

मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री योगेन्द्र दुबे, अरवेन्द्र राजपूत सहित संघ के अन्य सदस्यों का आरोप है कि मेडिकल प्रबंधन नर्सों की चीन्ह-चीन्ह कर ड्यूटी लगा रहे हैं जबकि कोविड वार्ड में ड्यूटी रोस्टर के हिसाब से लगाई जानी चाहिए। प्रबंधन की हठधर्मिता एवं तानाशाही के चलते मेडिकल अस्पताल के कोरोना योद्धाओं में रोष व्याप्त है। जब इस संबंध में अधीक्षक से बात करनी चाही गई तो उनका मोबाइल स्विच आफ रहा।

संक्रमित के बाद सुविधाएं नहीं

नर्सेस संगठन की सुनीला ईशादीन ने बताया कि वे कल से ही ड्यूटी पर आर्इं हैं। इसके पूर्व वे होम आइसोलेट रहीं। उनका कहना है कि कोविड के कारण 80 से अधिक नर्सें आइसोलेट में हैं और हॉस्टल में रह रहीं हैं। ऐसी नर्सों के लिए परिजन रोज खाना लेकर पहुंच रहे हैं और परिजनों को संक्रमण का खतरा बना है। मेडिकल प्रबंधन से बात करने के बाद भी हॉस्टल में खाना उपलब्ध नहीं कराया गया।

पूर्व की घटना से नहीं लिया सबक

बीते एक साल से कोरोना का प्रकोप फैला हुआ है। गत वर्ष 2 नर्सेस सरिता मरावी और सीमा विनीत ने कोरोना मरीजों की सेवा के दौरान संक्रमण के कारण जान गंवाई थी। हाल ही में मीना सराठे की बीमारी के बाद भी ड्यूटी लगाने पर मौत हो गई।