जबलपुर की ये भयानक तस्वीरें और आंकड़े देखें, क्योंकि आपको ये जानना जरूरी है कि हमारी लापरवाही का क्या अंजाम हो रहा है

 16 Apr 2021 01:04 PM

पीयूष सिंह राजपूत/जबलपुर. इन तस्वीरों को दिखाकर हम आपको डराना नहीं चाहते बल्कि असलियत से रूबरू कराना चाहते हैं। पिछले एक महीने में शहर के हालात क्या से क्या हो गए हैं, ये जानना जरूरी है। ये इसलिए भी जानना जरूरी है कि इस स्थिति की वजह हम सभी की लापरवाही है, जो अब बेवक्त लोगों को मौत के मुंह में धकेले जा रही है।

एक महीने पहले क्या थी स्थिति?

ठीक एक महीने पहले यानी 15 मार्च को जिले में 44 लोग संक्रमित पाए गए थे। प्रशासन लगातार लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग व कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की अपील करता रहा, पर शहरवासी होली तक अपनी ही धुन में मदमस्त रहे। नतीजा ये रहा कि 16 मार्च को 72, 18 मार्च को 97, 19 मार्च को 116 और इसी तरह कोरोना का आंकड़ा हर दिन दोगुना-चौगुना होता चला गया। ठीक एक महीने बाद आंकड़ा 10 गुना तक पहुंच गया और गुरुवार 15 अप्रैल को 724 संक्रमित जिले में पाए गए।

पिछले एक महीने में जिले में ऐसे बढ़ा कोरोना संक्रमण

तारीख कोरोना संक्रमित
15 मार्च 44
16 मार्च 72
17 मार्च 65
18 मार्च 97
19 मार्च 116
20 मार्च 108
21 मार्च 102
22 मार्च 124
23 मार्च 143
24 मार्च 109
25 मार्च 156
26 मार्च 159
27 मार्च 172
28 मार्च 159
29 मार्च 148
30 मार्च 161
31 मार्च 170
1 अप्रैल 185
2 अप्रैल 205
3 अप्रैल 224
4 अप्रैल 236
5 अप्रैल 257
6 अप्रैल 269
7 अप्रैल 298
8 अप्रैल 326
9 अप्रैल 369
10 अप्रैल 402
11 अप्रैल 469
12 अप्रैल 552
13 अप्रैल 602
14 अप्रैल 653
15 अप्रैल 724

 

 

क्या मरीज..क्या मुर्दा... दोनों के लिए जगह नहीं बची

हालात इतने बिगड़ने लगे कि देखते-देखते शहर के बड़े से बड़े प्राइवेट व सरकारी अस्पताल फुल हो गए। पिछले 10 दिनों की बात करें तो मरीजों के परिजन एक बिस्तर के लिए दर-दर भटक रहे हैं। न तो पैसा काम आ रहा है और ना ही कोई सिफारिश। किस्मत ठीक-ठाक हुई, तो बिस्तर मिल जाता है पर यह पता नहीं कि ऑक्सीजन मिलेगी या नहीं। बात करें मौत के आंकड़ों की तो संक्रमितों के लिए बनाए गए चौहानी शमशान घाट के आंकड़े और प्रशासन के आंकड़ों में काफी अंतर नजर आ रहा है। सवाल ये भी उठ रहा है कि अगर इतनी मौतें नहीं हो रहीं, तो फिर संक्रमण से मरने वालों के लिए चौहानी के अलावा तिलवारा में एक और शमशान क्यों चिन्हित किया गया?

प्रशासन नए कोविड सेंटर बनाने में जुटा

कोरोना के आंकड़े दिल दहला देने वाले हैं। इसी रफ्तार से अगर संक्रमित मिलते गए, तो लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देना असंभव हो जाएगा। इसी को देखते हुए कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने गुरुवार को ग्वारीघाट के सिंधु नेत्रालय, सिंधी धर्मशाला घंटाघर, गुजराती मंडल मढ़ाताल, दद्दाजी परिसर मदन महल, अग्रसेन मंडपम विजयनगर, तिलवारा स्थित पवन स्थापक के हॉस्पिटल, पिसनहारी की मढिया आदि जगहों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एसडीएम नम: शिवाय अरजरिया और तहसीलदार राजेश सिंह मौजूद थे। माना जा रहा है कि जल्द से जल्द इन क्षेत्रों में नए अस्थाई अस्पताल बनाए जाएंगे।

अस्थाई अस्पतालों के लिए निरीक्षण करते कलेक्टर कर्मवीर शर्मा