किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, सोसायटी में पड़ा लाखों क्विंटल गेहूं बारिश की भेंट चढ़ा

 18 May 2021 09:01 PM

जबलपुर। किसानों द्वारा गेहूं खरीदी केन्द्रों में लाया गया गेहूं पानी की भेंट चढ़ गया है। सोने की चमक वाला दाना खराब होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। मैसेज मिलने के बाद किसान अनाज लेकर खरीदी केन्द्र पहुंच गए थे। गौरतलब है कि समर्थन मूल्य पर 123 खरीदी केंद्रों में 41 हजार 672 किसानों से 4.63 लाख टन गेहूं खरीदी जा चुकी है। इसमें 41 हजार टन गेहूं का परिवहन अभी बाकी है। 35 हजार टन गोडाउन में रखा जाना है। शेष गेहूं को भी रखने की व्यवस्था की जा रही है। किसानों को 914 करोड़ भुगतान योग्य राशि में से 716 करोड़ राशि का भुगतान हो चुका है, शेष राशि का भुगतान भी शीघ्र होगा। 123 केंद्रों पर किसानों से गेहूं की खरीदी की जा रही है। अब तक जिले के करीब 4.60 लाख टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।
 

लुट रहा किसान :

किसानों की मानें तो उन्हें कम्प्यूटर पर पर्ची कटाने के लिए तक पैसा देना पड़ रहा है। वहीं, बारदाने उपलब्ध कराने के लिए भी दक्षिणा की मांग की जा रही है। सोसायटी में रखे गेहूं की किसानों को स्वयं दिन-रात रखवाली करना पड़ रही है।
 

मोटर से निकाला पानी :

सिहोरा के पौड़ीकला गांव में पानी भर जाने के बाद अनाज बचाने के लिए किसानों को काफी मशक्कत करना पड़ी। बरसते पानी में मोटर लगाकर पानी निकाला गया। इसके बाद भी ढेर में पानी समा जाने से आधे से ज्यादा गेहूं नष्ट हो गया।
 

ऐसे होती है पेमेंट :
किसानों से गेहूं तुलाई के बाद वेयर हाउस में स्टाक करने भेजा जाता है। वेयर हाउस से ऑन लाइन मैसेज पहुंचने के बाद ही किसानों को पेमेंट किया जाता है। कई बार किसानों को हफ्तों तक मैसेज का इंतजार करना पड़ रहा है।
क्या कहा किसानों ने :
पहले मैसेज के बाद ही मैंने करीब 80 क्विंटल गेहूं सोसायटी में भेजा गया था। यहां बारदाना नहीं मिलने के कारण बारिश में गेहूं भीग गया है। बुधवार को तुलाई की जाएगी।
-श्याम यादव, किसान

15 दिन से किसानों को बारदाना के लिए भटकना पड़ रहा है। अब बारिश होने से अलग समस्या खड़ी हो गई है। दूसरा मैसेज न मिलने से तुलाई के बाद संग्रहण भी अपने खर्चे पर करवाना पड़ेगा।
-ब्रज किशोर यादव, किसा

यह प्राकृतिक आपदा है। किसानों से सूखे गेहूं की तुलाई कराई जाएगी। बारदाना न होने से 2 दिन खरीदी नहीं की गई। इसकी जानकारी एनआईसी को दे दी गई है। 19 मई से खरीदी की जाएगी।
विनोद पटैल, केन्द्र प्रभारी पौड़ीकला

जिले में अभी तक 4 लाख 70 हजार मीट्रिक टन सुरक्षित रखा जा चुका है। जिन किसानों का अनाज भीग गया है, उसे साफ कर खरीदा जाएगा।  अभी तक 90 फीसदी खरीदी हो चुका है। बारदाने की जिले में बराबर आपूर्ति की गई है।
-रोहित बघेल, डीएमओ