ट्रायल करने के लिए 13 आवेदनों को मंजूरी

 05 May 2021 01:19 AM

नई दिल्ली। देश के लोगों को काफी समय से 5जी इंटरनेट सेवा का इंतजार था। अब यह इंतजार जल्द ही खत्म होगा क्योंकि नए जमाने की कम्युनिकेशन सेवा यानी 5जी इसी साल शुरू हो सकती है। केंद्र की मोदी सरकार ने देश में 5जी ट्रायल के लिए 13 आवेदनों को मंजूरी दे दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 5जी ट्रायल से हुवावे और जेडटीई जैसी चाइनीज कंपनियों को दूर रखा गया है। टेलीकॉम विभाग को 5जी के ट्रायल के लिए कुल 16 आवेदन मिले थे। सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने 5जी ट्रायल के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट आफ टेलीमेटिक्स (सी-डॉट) के साथ साझेदारी की है। सेंटर फॉर डेवलपमेंट आफ टेलीमेटिक्स भारत सरकार का टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर है। इसकी स्थापना 1984 में की गई थी। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, भारती एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और रिलायंस जियो ने एरिक्सन और नोकिया से वेंडर्स के साथ साझेदारी की है। सभी टेलीकॉम सर्किल के लिए अलग-अलग वेंडर के साथ साझेदारी की गई है।

ट्रायल के लिए जल्द दी जाएगी एयरवेव

अधिकारी का कहना है कि 5जी ट्रायल के लिए टेलीकॉम कंपनियों को जल्द ही 700 मेगाहर्ट्ज बैंड की एयरवेव दी जाएंगी। हालांकि, इसके साथ कुछ शर्तें शामिल रहेंगी। अधिकारी के मुताबिक, कंपनियों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग जैसी शर्तों का पालन करना होगा।

2021 की दूसरी छमाही में 5जी लॉन्च कर सकती है रिला. जियो

इंडियन मोबाइल कांग्रेस 2020 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा था कि रिलायंस जियो 2021 की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) में 5जी लॉन्च करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा था कि देश में डिजिटल लीड को बनाए रखने, 5जी की शुरुआत करने की जरूरत है।

5जी एयरवेव का कॉमर्शियल इस्तेमाल नहीं होगा

अधिकारी के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियों को सख्त चेतावनी दी जाएगी कि एयरवेव का इस्तेमाल केवल ट्रायल के लिए किया जाएगा। इन वेव का कॉमर्शियल इस्तेमाल बिलकुल न किया जाए। यदि कंपनियां इन शर्तों का उल्लंघन करती है तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।