मेडिकल कोर्सेस में ओबीसी को 27% और EWS को 10 प्रतिशत आरक्षण

 30 Jul 2021 03:59 PM

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला किया है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ी जातियों (ओबीसी) को 27% और आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को 10% आरक्षण दिया जाएगा। फैसला 2021-22 के सेशन से लागू होगा। हर साल ऑल इंडिया कोटा स्कीम (एआईक्यू) के तहत एमबीबीएस, एमएस, बीडीएस, एमडीएस, डेंटल, मेडिकल और डिप्लोमा में 5,550 कैंडिडेट्स को इसका फायदा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संबंध में 26 जुलाई को बैठक की थी और वे पहले भी इन वर्गों को आरक्षण दिए जाने की बात कह चुके थे। 26 जुलाई को हुई बैठक के 3 दिन बाद सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी। उन्होंने देश की जनता को ट्विटर के जरिए यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देश में पिछड़े और कमजोर आय वर्ग के उत्थान के लिए उन्हें आरक्षण देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

पीएम मोदी ने 26 जुलाई को की थी बैठक, 3 दिन बाद लिया फैसला

हर साल 5,550 स्टूडेंट्स को मिलेगा इसका लाभ आरक्षण पर सरकार के इस फैसले से हर साल लगभग 5,500 अभ्यार्थियों को फायदा होगा। इनमें हर साल एडमिशन लेने वाले एमबीबीएस के लगभग 1,500 ओबीसी, स्नातकोत्तर में 2,500 ओबीसी छात्र व एमबीबीएस में लगभग 550 ईडब्ल्यूएस छात्र और स्नातकोत्तर में लगभग 1,000 ईडब्ल्यूएस छात्रों को लाभ मिलेगा।

लंबे समय से चल रहा विवाद हुआ खत्म 12 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट 2021 की तारीखों का ऐलान किया था। इसमें नेशनल एग्जाम में ओबीसी के लिए आरक्षण लागू करने की बात नहीं थी। जिसके बाद, स्टूडेंट्स आरक्षण की मांग कर रहे थे और देशभर में हड़ताल करने की तैयारी कर रहे थे। छात्र, मेडिकल एजुकेशन में काफी समय से ओबीसी आरक्षण की मांग कर रहे थे।

ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षण क्या है? 2019 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10% आरक्षण देने के लिए एक संवैधानिक संशोधन किया गया था। इसके मुताबिक मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में सीटें बढ़ाई गईं ताकि अनारक्षित वर्ग पर इसका कोई असर ना पड़े, लेकिन इस श्रेणी को ऑल इंडिया कोटा योजना में शामिल नहीं किया गया था।

क्या है एआईक्यू स्कीम, एक नजर में...? ऑल इंडिया कोटा स्कीम 1986 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई। जिससे दूसरे राज्य के स्टूडेंट्स को अन्य राज्यों में भी आरक्षण मिल सके। 2008 तक एआईक्यू स्कीम में कोई आरक्षण नहीं था, लेकिन 2007 में, सुप्रीम कोर्ट ने इस स्कीम में एससी के लिए 15%व एसटी के लिए 7.5%आरक्षण की शुरुआत की थी।

पीएम मोदी ने किया ट्वीट

पीएम मोदी ने 29 जुलाई को अपने ट्विट अकाउंट के जरिए यह सूचना दी। उन्होंने ट्वीट किया कि, हमारी सरकार ने वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट मेडिकल/डेंटल कोर्स के लिए अखिल भारतीय कोटा योजना में ओबीसी के लिए 27%आरक्षण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10%आरक्षण प्रदान करने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने आगे लिखा कि, यह हमारे हजारों युवाओं को हर साल बेहतर अवसर प्राप्त करने और हमारे देश में सामाजिक न्याय का एक नया प्रतिमान बनाने में बहुत मदद करेगा।