युद्धक टैंक अर्जुन (एमके-1ए) के लिए रक्षा मंत्रालय ने दी 6000 करोड़ की मंजूरी, जानें इस टैंक में क्या है खास

 23 Feb 2021 03:38 PM

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को 14 फरवरी को युद्धक टैंक अर्जुन (एमके-1ए) की चाबी सौंपी थी। इसके बाद आज यानी 23 फरवरी को रक्षा मंत्रालय ने इनके 6000 करोड़ की मंजूरी दे दी है। अब सेना में118 उन्नत अर्जुन टैंक शामिल किए जाएंगे। 

अर्जुन टैंक की खासियत

  • डीआरडीओ ने अर्जुन टैंक की फायर पावर क्षमता को काफी बढ़ाया है। अर्जुन टैंक में नई टेक्नोलॉजी का ट्रांसमिशन सिस्टम है। इससे टैंक आसानी से अपने लक्ष्य को ढूंढ लेता है। 
  • टैंक युद्ध के मैदान में बिछाई गई माइंस हटाकर आसानी से आगे बढ़ने में सक्षम है। 
  • टैंक में केमिकल अटैक से बचने के लिए स्पेशल सेंसर लगे हैं। इस टैंक की वजह से जमीन पर लड़ा जाने वाला युद्ध का स्वरूप ही बदल गया। इनका पहली बार बड़े पैमाने पर दूसरे विश्व युद्ध के दौरान उपयोग हुआ। 
  • भारत ने भी पाकिस्तान के साथ 1965 में टैंकों का उपयोग किया। उस समय भारत के पास सेंचुरियन टैंक थे और पाकिस्तान के पास पैटन टैंक थे। 
  • अर्जुन टैंक का फिन-स्टैब्लाइज्ड डिस्करिंग सबोट सिस्टम लड़ाई के दौरान दुश्मन टैंक की पहचान करता है और उसे नष्ट कर देता है।
  • 118 उन्नत अर्जुन टैंक खरीदने को 2012 में मंजूरी दी गई थी और 2014 में रक्षा खरीद समिति ने इसके लिए 6600 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए थे।
  •  लेकिन इसकी फायर क्षमता समेत कई पक्षों पर सेना ने सुधार की मांग की थी। इस बीच सेना ने 2015 में रूस से 14000 करोड़ रुपये में 464 मध्यम वजन के टी-90 टैंक की खरीद का सौदा कर लिया था। 
  • सेना की मांग के आधार पर उन्नत किए जाने के बाद अर्जुन टैंक मार्क-1ए को 2020 में हरी झंडी मिली थी।