आक्रोश दिवस: महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका नहीं हुए शामिल

 11 Jun 2021 01:03 PM

नई दिल्ली। ईंधन की बढ़ती कीमतों और मंहगाई के खिलाफ आज कांग्रेस केंद्र सरकार के विरुद्ध देशभर में प्रदर्शन कर रही है। लेकिन इस प्रदर्शन में न तो राहुल गांधी शामिल हुए न हीं प्रियंका। वहीं राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट राजस्थान में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा कई और वरिष्ठ नेता भी अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे हैं।

आक्रोश दिवस

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी आज के प्रदर्शन को आक्रोश दिवस के रूप में मना रही है। दिल्ली कमेटी के कार्यकर्ता हाथों में बैनर लेकर सड़कों पर पैदल मार्च निकाल रहे हैं। वहीं राजधानी के दूसरे हिस्से में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मोर्चा संभाला और केंद्र की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लें

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जब यूपीए सत्ता में थी, तब पेट्रोल और डीजल पर टैक्स 9.20 रुपये था और अब मोदी सरकार में यह 32 रुपये हो गया। हम सरकार से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग करते हैं। साथ ही पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का आग्रह करते हैं।

महंगाई ने तोड़ दी आम आदमी की कमर

महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ आज कांग्रेस अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन कर रही है। पार्टी ने बताया कि उनके इस अभियान के तहत देशभर में विरोध प्रदर्शन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। इनमें केंद्र सरकार की गलत नीतियों से लोगों को आज पेट्रोल डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। कांग्रेस के मुताबिक तेल की बढ़ी कीमतों और महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।

पिछले 7 सालों में कितना बढ़ा दाम?
हर साल पेट्रोल-डीजल महंगा ही होता जा रहा है। लेकिन पिछले सात सालों में कीमतों में कुछ ज्यादा ही इजाफा हुआ है। इस दौरान पेट्रोल-डीजल में 30-35 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

  • 2014-15- पेट्रोल 66.09 रुपये प्रति लीटर, डीजल 50.32 रुपये प्रति लीटर
  • 2015-16- पेट्रोल 61.41 रुपये प्रति लीटर, डीजल 46.87 रुपये प्रति लीटर
  • 2016-17- पेट्रोल 64.70 रुपये प्रति लीटर, डीजल 53.28 रुपये प्रति लीटर
  • 2017-18- पेट्रोल 69.19 रुपये प्रति लीटर, डीजल 59.08 रुपये प्रति लीटर
  • 2018-19- पेट्रोल 78.09 रुपये प्रति लीटर, डीजल 69.18 रुपये प्रति लीटर
  • 2019-20- पेट्रोल 71.05 रुपये प्रति लीटर, डीजल 60.02 रुपये प्रति लीटर
  • 2020-21- पेट्रोल 76.32 रुपये प्रति लीटर, डीजल 66.12 रुपये प्रति लीटर
  • 11 जून 2021- पेट्रोल 95.85 रुपये प्रति लीटर, डीजल 86.75 रुपये प्रति लीटर

पेट्रोल-डीजल पर कितना टैक्स वसूल रही हैं सरकारें?
सरकार का कहना है कि दाम तो अंतर्राष्ट्रीय कीमतों की वजह से बढ़ रहे हैं। लेकिन असल में एक लीटर पेट्रोल पर केंद्र और राज्य सरकारें आपकी जेब से टैक्स के रूप में पैसा वसूल रही हैं। पेट्रोल पर केंद्र सरकार राज्यों के मुकाबले ज्यादा टैक्स ले रही है। राज्य सरकारों द्वारा पेट्रोल-डीजल पर लगाया गया बिक्री कर या वैट हर राज्य में अलग-अलग होता है। औसतन राज्य सरकारें एक लीटर पेट्रोल पर करीब 20 रुपये और केंद्र सरकार करीब 33 रुपये टैक्स लेती है। यानी कि पेट्रोल-डीजल पर जनता का आधे से ज्यादा पैसा सरकार को टैक्स के रूप में जा रहा है।