आरोप : मुंबई में टीकों की कमी आंकड़े: 16 लाख डोज हैं रिजर्व

 08 Apr 2021 01:59 AM

मुम्बई। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से जूझ रहे मुम्बई शहर में कोविड-19 रोधी टीके की खुराकों की कमी हो जाने का दावा करते हुए महापौर किशोरी पेडनेकर ने बुधवार मांग की है कि केंद्र को तत्काल इनकी आपूर्ति बढ़ानी चाहिए। पेडनेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मुम्बई में मंगलवार दोपहर तक टीकाकरण अभियान की मुख्य दवा कोविशील्ड की बस 1.76 लाख खुराक थीं। उन्होंने कहा कि अब तो इनकी संख्या और कम हो गई होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 टीके शहर में 108 चिकित्सा केंद्रों पर लगाये जा रहे हैं तथा कुछ स्थानों जैसे बड़े स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना करीब 2000 टीके लगाये जा रहे हैं। महापौर ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे और विपक्षी नेताओं को इस शहर एवं राज्य के अन्य क्षेत्रों में टीके की पर्याप्त खुराकों को लेकर गहन प्रयास करने चाहिए। उससे पहले दिन में टोपे ने कहा था कि महाराष्ट्र में कई टीकाकरण केंद्र कोरोना वायरस टीकों की कमी की वजह से बंद किये जा रहे हैं और फिलहाल राज्य में 14 लाख खुराक ही हैं जो बस तीन दिनों में खत्म हो जायेंगी। पेडनेकर ने कहा, जरूरी है कि केंद्र सरकार लोगों के लिए टीके उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि यदि कमी रहती है लोग टीके की दूसरी खुराक नहीं ले पायेंगे जबकि कोविड- 19 के विरूद्ध प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए यह अनिवार्य है। महापौर ने कहा कि शहर के बाशिंदे कोविड-19 टीकाकरण के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखा रहे हैं और इस कमी से उनका उत्साह कमजोर होगा। मुम्बई भारत में कोविड-19 संक्रमण की दृष्टि से सबसे खराब स्थलों में एक है और पिछले कुछ सप्ताहों में यहां इसके मामले अप्रत्याशित रूप से बढ़े हैं। मंगलवार को यहां और 10300 लोग संक्रमित पाये गये जबकि संक्रमण से 31 मरीजों की मौत हुई।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक राज्य में 16 लाख से ज्यादा डोज रिजर्व

भारत में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने वैक्सीनेशन में तेजी कर दी है। अब तक देश में 8.4 करोड़ वैक्सीन की डोज लग चुकी हैं। हालांकि, इसी बीच वैक्सीन को लेकर सियासत शुरू हो गई है। दरअसल, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने दावा किया है कि राज्य में वैक्सीन की कमी है और लोगों को वापस भेजना पड़ रहा है।

क्या है दावा?

राजेश टोपे ने कहा, हमारे कई वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन नहीं है। हमें वैक्सीन की कमी के चलते लोगों को वापस भेजना पड़ रहा है। 20-45 साल के लोगों को भी वैक्सीनेशन की अनुमति दी जाए।

क्या है सच्चाई?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, महाराष्ट्र में अब तक वैक्सीन की 1,06,19,190 डोज भेजी गईं। 7,43,280 पाइपलाइन में हैं, अभी तक 90,53,523 डोज इस्तेमाल हुईं। यानीं करीब 16 लाख से ज्यादा डोज रिजर्व हैं।