वायु प्रदूषण कोरोना वायरस के प्रसार को और बढ़ा सकता है: विशेषज्ञ

 18 Oct 2020 09:59 PM  52

नई दिल्ली।  विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण कोरोना वायरस के प्रसार को और बढ़ा सकता है। इससे और ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। लॉकडाउन के दौरान यानी अनलॉक से पहले दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा अच्छी थी, लेकिन रविवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में थी। 

डॉक्टरों के मुताबिक, प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के साथ वायरल इन्फ्लूएंजा जैसी श्वसन संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। वायु की गुणवत्ता खराब होने से फेफड़ों में सूजन आ जाती है, जिससे शरीर के अंदर वायरस के घुसने में आसानी होती है। इस साल कोरोना है। आम सर्दी की तरह, प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के साथ इस वायरस का संचरण बढ़ने की उम्मीद है। सर्दी के मौसम में हम मामलों में और वृद्धि देख सकते हैं।
वहीं, विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि प्रदूषण की वजह से कोरोना वायरस का दूसरा पीक जल्द ही देखने को मिल सकता है। हालांकि इस बार यह असर देश में नहीं, बल्कि महानगरों में दिखाई देगा। अब तक दुनिया के कई हिस्सों में इस बात के सबूत मिल चुके हैं कि वायु प्रदूषण के जरिए कोरोना वायरस का प्रसार होता है। 

डॉक्टरों का कहना है पहला पीक लाखों लोगों  को अपनी चपेट में ले चुका है। अगर सतर्कता नहीं बरती तो इसका दूसरा पीक और भी भयानक हो सकता है। केरल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, राजस्थान और पंजाब में दूसरा पीक भी दिखाई दिया है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर अभी यह दूर है।

वहीं, रविवार को कोरोना वायरस महामारी से निपटने के प्रयासों में समन्वयन के लिए गठित विशेषज्ञ पैनल के प्रमुख और नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने कहा है कि हम सर्दी के मौसम में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका से इनकार नहीं कर सकते हैं। वैक्सीन को लेकर उन्होंने कहा, एक बार वैक्सीन आ जाए, उसके बाद उसे नागरिकों को उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। 

बता दें कि कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की सूची में शामिल भारत के लिए यह चिंता का विषय है। देश पहले से ही वायरस का दंश झेल रहा है और अगर महामारी की दूसरी लहर आती है तो स्थिति अधिक बिगड़ सकती है। 

वहीं, देश में एक दिन में कोविड-19 के 61,871 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 74,94,551 हो गई। वहीं, अब तक 65,97,209 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं जिसके साथ ठीक होने वाले लोगों की दर बढ़कर 88.03 फीसदी हो गई है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय द्वारा सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों के भीतर 1,033 संक्रमित व्यक्तियों की मौत के बाद देश में मृतकों की कुल संख्या 1,14,031 हो गई।