बिहार: एंबुलेंस ना मिलने पर ई रिक्शा में मां का शव ले गया बेटा, सरकारी व्यवस्था पर उठे सवाल

 23 Feb 2021 02:08 PM

बिहार में एक बार फिर व्यवस्थाओं के  फेल होने की तस्वीर सा मने आई है। यहां सभी मरीजों के लिए एम्बुलेंस सेवा मुफ्त करने के 15 दिनों के भीतर ही एक वृद्धा के शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस नसीब नहीं  हो पाया। काफी मशक्कत के बाद भी कोई सुविधा मुहिया ना होेने पर शव को ई रिक्शा से अस्पताल सो तीन किमी दूर मृतक को घर ले जाया गया। यह मार्मिक घटना काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में सामने आई। 

अधिकारियों की इस लापरवाही पर पहले तो सभी ने चुप्पी साध ली। लेकिन जैसे- जैसे खबर ने लोगों का ध्यान खिंचा उपाधीक्षक ने जांच के आदेश दे दिए। 

यहां जानें पूरा मामला? 
काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक व़द्ध महिला की तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद परिजन उसे किसी तरह सदर अस्पताल ले गए। लेकिन इसी बीच महिला ने दम तोड़ दिया। हॉस्पिटल पहुंचने पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिजन ने अधिकारियों और डॉक्टरों से एम्बुलेंस या शव वाहन मुहिया करवाने को कहा। लेकिन उनकी किसी ने ना सुनी। 

उसके बाद उसने फोन से अपने मोहल्ले के लोगों से मदद मांगी तो सभी ने उसे भाड़े पर वाहन कर शव लाने की सलाह दी। इस बीच परिजनों ने शव पहुचानें के बाद वाहन का किराया देने कि भी बात कही। लेकिन किसी ने सुद ना ली। 

इसके बाद मृत वृद्धा के बेटे ने एक ई रिक्शा को बुलाया और किसी तरह उसी पर शव को रखकर घर ले गये। आरोप है कि घटना के वक्त सिविल सर्जन अपने कार्यालय में मौजूद थे और शव के जाने के कुछ देर बाद अपने कार्यालय से निकले। मामले में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र आलोक ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी शाम में मिली है। कहा कि इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। उपाधीक्षक की जांच में यदि मामला सही पाया जाता है तो दोषी कर्मचारी व अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।