बीजापुर: नक्सलियों ने सीआरपीएफ के जवान राकेश्वर सिंह का फोटो जारी किया, कहा- ये हमारे कब्जे में है, सरकार मध्यस्थ नियुक्त करे

 07 Apr 2021 01:40 PM

सुकमा। बीजापुर में चार दिन पहले मुठभेड़ के बाद लापता हुए सीआरपीएफ के जवान राकेश्वर सिंह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नक्सलियों ने 3 अप्रैल को राकेश्वर सिंह को बंधक बनाया है। और अब उनकी रिहाई को लेकर शर्त रख दी है। इसके बाद ही राकेश्वर की तस्वीर जारी की है। नक्सलियों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से मध्यस्थता का निर्णय नहीं लिया जाता तब तक जवान हमारे कब्जे मे रहेगा। उधर, जवान के भाई रणजीत सिंह ने कहा कि फोटो पर विश्वास नहीं है। नक्सली वीडियो या ऑडियो भेजें, इस तरह की फोटो उनके मोबाइल में पहले की भी हो सकती है। 

दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी की ओर से दो पेज का पर्चा जारी किया गया है। इसमें मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की बात स्वीकारी की गई है। यह भी कहा गया है कि सरकार पहले मध्यस्थ नियुक्त करे, तब जवान राकेश्वर की रिहाई करेंगे। इससे पहले पुलिस ने दावा किया था कि मुठभेड़ में कम से कम 12 नक्सली मारे गए हैं।

नक्सलियों ने पर्चे में कहा है कि ओडी सन्नू, पदाम लखमा, कोवासी बुधरू और नूपा सुरेश मुठभेड़ में मारे गए हैं। इनसे से सन्नू का शव उनको नहीं मिला है। इसी पर्चे में यह भी दावा किया गया है कि फोर्स के 14 हथियार और दो हजार कारतूस उनके पास हैं। इसके प्रमाण के तौर पर हथियारों की तस्वीर भी जारी की गई है। पर्चे में यह भी कहा गया है कि वे बातचीत के विरोध में नहीं हैं, पर इसके लिए माहौल बनाना सरकार का काम है।

जवान की रिहाई तब तक नहीं होगी, जब तक सरकार मध्यस्थ नहीं नियुक्त कर देती। तब तक वह हमारे पास सुरक्षित रहेगा। उधर अगवा जवान की रिहाई के लिए पुलिस चौतरफा प्रयास कर रही है। बस्तर आइजी सुंदरराज पी ने बताया कि मीडिया समेत गांव के मध्यस्थों को इस काम में लगाया गया है। इलाके की सघन सर्चिंग भी की जा रही है। अभी जवान का पता नहीं चला है, पर जल्द ही उसे रिहा करा लेंगे।

ग्रामीणों ने बताया कि जवान सुरक्षित है। उसका उपचार कराया गया है। मुठभेड़ के दिन वह नक्सलियों से घिर गया था। फिर उसने हाथ उठाकर सरेंडर कर दिया।

आज मध्यस्थों के नाम पर विचार
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को कोरोना संक्रमण के रिव्यू के लिए मीटिंग बुलाई है। इस दौरान नक्सलियों से बातचीत के लिए मध्यस्थों के नाम पर भी चर्चा के संकेत हैं। गृहमंत्री ताम्र ध्वज साहू ने मंगलवार को कहा था कि नक्सलियों का पत्र देखा तो नहीं, लेकिन सुना है।