18 महीने में कैंसर, 3 साल बाद हराया अब 5 साल की उम्र में रखा पहला रोजा

 23 Apr 2021 01:43 AM

नई दिल्ली। दुबई में एक 5 साल के बच्चे ने कैंसर को मात देकर अपना पहला रोजा किया। यह बच्चा मोहम्मद नासिर है। वो सीनियर केजी का स्टूडेंट है। नासिर, सना जावेद और अब्दुल समद का बेटा है, जो कि पाकिस्तान से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन लंबे समय से दुबई के निवासी हैं। नासिर के पैरेंट्स तब शॉक्ड रह गए, जब उन्होंने जाना कि उनका बेटा अपना रमजान का पहला फास्ट करेगा। नासिर के पिता ने बताया कि उनका बेटा हैप्टोब्लास्टोमा से पीड़ित है। ये एक लीवर कैंसर है। नासिर जब 18 महीने का था तब से वो इस बीमारी से जूझ रहा है। 2017 में बच्चे को कई सर्जरियां हुईं और कई किमोथैरेपी भी हुई। 2017 का साल नासिर ने ज्यादातर अस्पताल में बिताया। उसके पिता बताते हैं कि वो एक शांत स्वभाव का बच्चा है। उसे उन्होंने कभी उदास और रोते हुए नहीं देखा।

3 साल में ही कैंसर को दी मात

नासिर के पिता ने बताया कि उसका इलाज 3 साल तक चला और फिर उसे कैंसर फ्री कह दिया गया और अब वो 5 साल का है और अपनी बड़ी बहन के साथ रमजान करने का फैसला किया। उसकी बड़ी बहन 8 साल की उम्र से रमजान कर रही है। वो अपनी बड़ी बहन से बहुत प्यार करता है। उसकी बड़ी बहन ने पिछले साल से ही रोजा रखना शुरू किया और इस साल छोटे भाई नासिर ने व्रत करने का फैसला किया।

क्या होता है हैप्टोब्लास्टोमा?: हैप्टोब्लास्टोमा की बात की जाए तो ये एक तरह का बच्चों में होने वाला लीवर कैंसर है, जो कि लाखों में एकाध को अफैक्ट करता है। बच्चों को इससे जन्म के 3 साल तक खतरा रहता है। इसकी वजह से सूजन और दर्द होता है। हालांकि, हैप्टोब्लास्टोमा के होने की वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं है।