दो साल के बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का दुनिया में पहला ट्रायल कानपुर में, अगले महीने नोजल स्प्रे आने की उम्मीद

 10 Jun 2021 01:38 PM

कोरोना से बचाव के लिए दो साल से छह साल तक के बच्चों पर दुनिया का पहला ट्रायल कानपुर में होगा। कोरोना वायरस की तीसरी लहर बच्चों के लिए सबसे ज्यादा घातक बताई जा रही है। जिससे निपटने के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। अभी तक दो साल से छह साल तक की उम्र के बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल नहीं हुआ है। भारत बायोटेक की स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन ने बच्चों पर ट्रायल शुरू किया है। अभी छह से 12 साल और 12 से 18 साल के समूह के बच्चों को टीका लगा है। उम्मीद की जा रही है कि अगले महीने कोवैक्सीन का नेजल स्प्रे भी आ जाएगा।

 

तीन चरणों में होगा ट्रायल

पहले चरण में 12 से 18 साल के किशोरों को ट्रायल का हिस्सा बनाया गया है। दूसरे चरण में 6 से 12 साल के बच्चों पर क्लिनिकल ट्रायल किया जाएगा। वहीं तीसरे चरण में 2 से 6 साल के बच्चों पर वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल होगा। सभी बच्चों को 28 दिन पर दूसरी डोज लगाई जाएगी। उससे पहले उनके एंटीबॉडी टेस्ट के लिए सैंपल लिए जाएंगे। जिससे पता चल सके कि बच्चों में वैक्सीन लगाने के बाद कितनी एंटीबॉडी और टी सेल्स डिवेलप हुए हैं।

 

ऐसे हुआ वैक्सीन का ट्रायल

आर्यनगर स्थित प्रखर अस्पताल में कोवैक्सीन का बच्चों में ट्रायल मंगलवार से शुरू हुआ है। वैक्सीन ट्रायल के पहले दिन 12 साल से 18 साल के 40 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। जिसमें से 20 बच्चे वैक्सीन के लिए फिट पाए गए। उन बच्चों को वैक्सीन लगा दी गई। बीते बुधवार को छह साल से 12 साल के 10 बच्चों का पहले मेडिकल चेकअप किया गया। जिसमें से वैक्सीन के लिए 5 बच्चे फिट पाए गए। उन्हें भी वैक्सीन लगा दी गई। इसके बाद 45 मिनट तक बच्चों को आब्जर्वेशन में रखा गया। जिसमें से दो बच्चों के इंजेक्शन लगने वाले स्थान पर हल्के से लाल निशान पड़े थे, जिसे सामान्य बात मानी जाती है।

 

दुनिया में इतने छोटे बच्चों पर पहला ट्रायल

वैक्सीन ट्रायल के चीफ इंवेस्टीगेटर बाल रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर वीएन त्रिपाठी का कहना है कि, दो साल के बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का दुनिया में पहला ट्रायल है। इतने छोटे बच्चों पर कहीं भी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल नहीं हुआ है। अब दो साल के बच्चों की बारी है, जिन पर वैक्सीन का ट्रायल होगा।

 

शहर बन रहा बच्चों की वैक्सीन का हब

कानपुर में इससे पहले बड़े लोगों में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल किया जा चुका है। यहां कोवैक्सीन के अलावा रूस की वैक्सीन स्पूतनिक और जाइडस कैडिला की वैक्सीन का ट्रायल हुआ था। अब बच्चों की वैक्सीन के मामले में भी कोवैक्सीन के बाद दूसरी कंपनियां अपनी वैक्सीन के ट्रायल की योजना बना रही हैं। इसके साथ ही अगले महीने नेजल स्प्रे के आने की भी उम्मीद है। नेजल स्प्रे कोवैक्सीन का होगा। स्प्रे को गेम चेंजर माना जा सकता है।