कोरोना मरीज के फेफड़े बना देता है बेहद कठोर, ऑटोप्सी में बुजुर्ग के लंग्स मिले लेदर की गेंद जितने सख्त

 23 Oct 2020 08:44 PM

बेंगलुरू। कोरोना का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 62 साल के शख्स की कोरोना से मौत होने के बाद जब ऑटोप्सी की गई तो पता चला फेफड़े लेदर बॉल की तरह सख्त हो गए। मामला कर्नाटक का है। ऑटोप्सी करने वाले ऑक्सफोर्ड मेडिकल कॉलेज के डॉ. दिनेश रॉव के मुताबिक, मरीज के फेफड़े बेहद सख्त हो गए थे। फेफड़े में एयर सैक पूरी तरह से डैमेज हो चुके थे। रक्त की धमनियों में खून के थक्के जम गए थे। डॉ. दिनेश रॉव के अनुसार कोरोना मरीजों की ऑटोप्सी करने से यह चलता है कि बीमारी किस हद तक बढ़ रही थी। कर्नाटक के मरीज की ऑटोप्सी में एक घंटा 10 मिनट का समय लगा।  

18 घंटे बाद भी जिंदा मिला वायरस :
डॉ. रॉव के मुताबिक,   मरीज के फेफड़े, नाक, गला, मुंह और स्किन से 5 स्वाब सैम्पल लिए। नाक और गले से लिए गए सैम्पल का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया गया। सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।  मरीज की मौत के 18 घंटे बाद भी उसकी नाक, गले और स्वाब सैम्पल में कोरोनावायरस जिंदा पाया गया। इससे साबित होता है कि मरीज की मौत के बाद भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।

फैमिली की रजामंदी से की गई थी ऑटोप्सी 
डॉ. रॉव कहते हैं, मरीज की ऑटोप्सी फैमिली की रजामंदी से हुई थी। मरीज की मौत के बाद फैमिली होम आइसोलेशन में थी। वह कहते हैं,ऑटोप्सी में जो बात सामने आई है, वह अमेरिका और इटली में भी देखी गई है। इससे यह भी पता चलता है कि वायरस का जो स्ट्रेन भारत में संक्रमण फैला रहा है, वह अलग तरह का है।