कोरोना बेकाबू: एक दिन में 3.15 लाख केस

 23 Apr 2021 01:23 AM

नई दिल्ली। बेहद दुख और चिंता वाली खबर है। नए मरीजों के मामले में भारत अमेरिका से भी आगे निकल गया है। देश में पहली बार एक दिन में रिकॉर्ड 3 लाख 15 हजार 552 लोग संक्रमित पाए गए। अब तक किसी एक देश में एक दिन के अंदर मिले कोरोना संक्रमितों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके पहले अमेरिका में सबसे ज्यादा 8 जनवरी को 3 लाख 7 हजार लोग पॉजिटिव पाए गए थे। एक दिन में अब तक की सबसे ज्यादा मौतें: मौत के मामले में भी पिछले दो दिनों से डराने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। गुरुवार को रिकॉर्ड 2,101 लोगों ने दम तोड़ दिया। मौतों का यह आंकड़ा अब तक का सबसे ज्यादा है। इससे पहले मंगलवार को 2,021 मौतें दर्ज की गई थीं। पूरी दुनिया में ब्राजील के बाद भारत इकलौता देश है जहां एक दिन में इतनी मौतें हो रही हैं। बाकी सभी देशों में एक हजार से कम ही लोग जान गंवा रहे हैं। ब्राजील में एक से दो हजार मौतें हो रहीं हैं।

24 घंटे में रिकॉर्ड 1.33 लाख एक्टिव केस बढ़े

बुधवार को देश में एक्टिव केस बढ़ने का भी रिकॉर्ड आंकड़ा सामने आया। एक दिन में 1.33 लाख एक्टिव केस बढ़े। इसके पहले सबसे ज्यादा 18 अप्रैल को 1.29 लाख और मंगलवार को 1.25 लाख एक्टिव केस बढ़े थे। अब पूरे देश में 22.84 लाख मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। इन्हें ही एक्टिव केस कहा जाता है। हालांकि, 1.79 लाख लोग ठीक भी हुए। ये भी एक दिन में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

कोर्ट ने दिखाई सख्ती 19 और 22 अप्रैल 2021 :

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, हम इस बुरे समाज का हिस्सा होने पर शर्मिदा हैं। 19 अप्रैल 2021 : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 5 शहरों में लॉकडाउन का आदेश दिया। 20 अप्रैल 2021 : मप्र हाईकोर्ट ने कहादि नों में नहीं, घंटों में मिले रेमडेसिविर। 21 अप्रैल 2021 : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा िगड़गिड़ाइए, उधार लीजिए या चुराइए, लेकिन ऑक्सीजन लेकर आइए। 22 अप्रैल 2021 : कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा-गाइडलाइन जारी करके खुद बच नहीं सकते।

दिल्ली HC की केंद्र को चेतावनी, ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई तो होगी आपराधिक कार्रवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करे कि राष्ट्रीय राजधानी को आवंटन आदेश के अनुरूप निर्बाध रूप से ऑक्सीजन की आपूर्ति हो। कोर्ट ने कहा, केंद्र के ऑक्सीजन आवंटन आदेश का कड़ा अनुपालन होना चाहिए और ऐसा न करने पर आपराधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। न्यायमूर्ति विपिन सांघी व रेखा पल्ली की पीठ ने कहा, हरियाणा जैसे दूसरे राज्यों के संयंत्रों से दिल्ली को ऑक्सीजन आवंटन के केंद्र के फैसले का स्थानीय प्रशासन द्वारा सम्मान नहीं किया जा रहा है और इसे तत्काल सुलझाने की जरूरत है। कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह ऑक्सीजन ला रहे वाहनों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराए और समर्पित कॉरिडोर स्थापित करे। हाईकोर्ट की यह टिप्पणी तब आई जब दिल्ली सरकार ने अदालत को बताया कि हरियाणा के पानीपत से होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति को वहां की स्थानीय पुलिस अनुमति नहीं दे रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय आपातकाल बताया, मुμत आॅक्सीजन आपूर्ति संबंधी याचिका पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने देश में कोविड-19 से संबंधित स्थिति को गुरुवार को राष्ट्रीय आपातकाल करार दिया और हजारों टन ऑक्सीजन के उत्पादन तथा रोगियों के लिए इसकी नि:शुल्क आपूर्ति जैसे आधार पर तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित स्टरलाइट कॉपर इकाई को खोलने के वेदांता समूह के आग्रह पर सुनवाई को सहमत हो गया। न्यायालय ने कहा कि वह याचिका पर कल सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबड़े, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने तमिलनाडु सरकार की आपत्ति को नहीं माना जिसने शुरू में वेदांता की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने और इसे खोले जाने का विभिन्न आधारों पर विरोध किया तथा यह भी कहा कि शीर्ष अदालत इस तरह के अनुरोध को पूर्व में खारिज कर चुकी है।

मोदी ने बैठक के लिए रद्द किया बंगाल दौरा

देश में ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने हाई लेवल रिव्यू मीटिंग की। इसमें उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि राज्यों को की जा रही आॅक्सीजन सप्लाई में किसी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए। देश में कोरोना को लेकर शुक्रवार को भी एक हाईलेवल मीटिंग होनी है। इसके चलते नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपना बंगाल दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। गृह मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि आॅक्सीजन सप्लाई वाली गाड़ियों को न रोका जाए।

आॅक्सीजन की आपूर्ति के लिए आपदा प्रबंधन कानून लागू, बाधा आई तो नपेंगे डीएम और एसपी

केंद्र ने गुरुवार को राज्यों को निर्देश दिया कि वे आॅक्सीजन का निर्बाध उत्पादन- आपूर्ति व उसका अंतरराज्यीय परिवहन सुनिश्चित करें। मंत्रालय ने कहा, इस आदेश की अवहेलना होने पर संबंधित जिले के डीएम और पुलिस अधीक्षक जवाबदेह होंगे। ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कठोर आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के तहत यह आदेश जारी किया।