परीक्षा जीवन का आखिरी मुकाम नहीं, बल्कि एक छोटा सा पड़ाव

 08 Apr 2021 02:15 AM

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दुनिया भर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद किया। वह वर्ष 2018 से परीक्षा से पहले छात्रों से चर्चा करते रहे हैं। मोदी ने कहा- छात्रो ंके साथ इस बार यह मेरा पहला वर्चुअल प्रोग्राम है। हम डेढ़ साल से कोरोना के साथ जी रहे हैं, इसलिए मुझे आप लोगों से मिलने का लोभ छोड़ना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खाली समय, इसको खाली मत समझिए, ये खजाना है, खजाना। पढ़िये, बच्चों के सवाल और पीएम के जवाब...

मोदी ने ऐसे दिए छात्रों के सवालों के जवाब

परीक्षा की तैयारी के दौरान तनाव से कैसे निपटें?

-पल्लवी, कक्षा 12 (आंध्रप्रदेश)

आप जब डर की बात करते हैं तो मुझे भी डर लग जाता है। पहली बार परीक्षा देने जा रहे हैं क्या? मार्च-अप्रैल में परीक्षा आती ही है। जो अचानक नहीं आई है, वह आसमान से नहीं टूट पड़ी है। आपको डर परीक्षा का नहीं है। आपके आसपास माहौल बना दिया गया है कि परीक्षा ही सबकुछ है। इसके लिए पूरा सामाजिक वातावरण, माता-पिता, रिश्तेदार ऐसा माहौल बना देते हैं कि जैसे बड़े संकट से आपको गुजरना है। यह सबसे बड़ी गलती है। यह जिंदगी का आखिरी मुकाम नहीं है। बहुत पड़ाव आते हैं। यह छोटा सा पड़ाव है। हमें दबाव नहीं बढ़ाना है।

कुछ सब्जेक्ट से मैं पीछा छुड़ाने में लगी रहती हूं, इसे कैसे ठीक करें?

पुन्यो सुन्या (अरुणाचल प्रदेश)

यह कुछ अलग तरह का विषय है। आप दोनों ने किसी खास विषय से डर की बात कही। आप ऐसे अकेले नहीं हैं। दुनिया में एक भी इंसान ऐसा नहीं है जिस पर यह बात लागू नहीं है। मान लीजिए आपके पास बहुत बढ़िया 5-6 शर्ट हैं। इनमें से एक-दो ऐसी हैं, जो बार-बार पहनते हैं। कई बार तो मां- बाप भी इन चीजों को लेकर गुस्सा करते हैं कि कितनी बार इसे पहनोगे। पसंद-नापसंद मनुष्य का व्यवहार है। इसमें डर की क्या बात है। होता क्या है जब हमें कुछ नतीजे ज्यादा अच्छे लगने लगते हैं उनके साथ आप सहज हो जाते हैं।

सब्जेक्ट कठिन हों तो भागो मत : मोदी ने कहा- लता मंगेशकर को देखिए। उनकी महारात ज्योग्राफी में भले न हो, संगीत में उन्होंने जो किया है वह हर एक के लिए प्रेरणा का कारण बन गई हैं। अगर आपको कोई सब्जेक्ट कठिन लगता है तो यह कोई कमी नहीं है। इससे भागिए मत। टीचर्स के लिए मेरी सलाह है कि टाइम मैनेजमेंट के संबंध में सिलेबस से बाहर जाकर उनके बात करें। उन्हें गाइड करें।

छात्रों का मनोबल बढ़ाएगा : शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ छात्रों का मनोबल बढ़ाने में मदद करेगा।