26 जनवरी को इंडिया गेट पर खालिस्तानी झंडा फहराने वाले को 18 करोड़ रु. इनाम देने का ऐलान, अलगाववादी एसएफजी का लेटर वायरल

 13 Jan 2021 05:48 PM

न्यूयॉर्क। किसान आंदोलन में भारत विरोधी ताकतों के शामिल होने की खबरों के बीच एक लेटर ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंकन्ना कर दिया है। अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजी) ने किसानों को बरगलाते हुए कहा है कि 26 जनवरी वाले दिन इंडिया गेट पर खालिस्तान का झंडा फहराने वाले को 18 करोड़ से ज्यादा इनाम दिया जाएगा। एसएफजी की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया है। इसमें कहा है-  सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान यदि भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर खालिस्तान का झंडा बुलंद करते हैं, तो उन्हें 18,290,005.20 रुपए इनाम दिया जाएगा।

एसएफजी ने यह भी कहा है कि खालिस्तान मूवमेंट में सहयोग के लिए पूरा लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया जाएगा। अपने भड़काऊ संदेश में संगठन ने किसानों से कहा है कि मोदी सरकार के कृषि सुधार बिलों के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए उन्हें रिपब्लिक डे परेड की अवहेलना करते हुए एक समानांतर केसरी ट्रैक्टर रैली निकालनी चाहिए। किसानों को लालच देते हुए आगे कहा है कि इंडिया गेट पर खालिस्तान का झंडा फहराने वाले को $ 250,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया जाएगा।

एसएफजी के गुरपतवंत सिंह पन्नून ने यहां तक कहा है कि खालिस्तान का झंडा बुलंद करने वालों को कानूनी सहायता भी दी जाएगी। इंडिया गेट पर खालिस्तान का झंडा फहराने वालों को 1951 के यूएन रिफ्यूजी कन्वेंशन के तहत यूनाइटेड किंगडम में शरणार्थी के रूप में पुनर्वास में कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी। रिफ्यूजी कन्वेंशन के तहत ऐसे लोगों को स्थायी पुनर्वास प्रदान किया जाता है, जिन्हें अपना राजनीतिक दृष्टिकोण प्रदर्शित करने के लिए सरकार द्वारा प्रताड़ित किया जाता है।

पन्नून ने कहा कि किसान आंदोलन और खालिस्तान आंदोलन शांतिपूर्ण अभियान है। इसके बावजूद भारत सरकार इन आंदोलनों का दमन कर रही है। लेकिन वो नहीं जानती कि ऐसा करके वो खुद हिंसा को आमंत्रित कर रही है। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि किसान आंदोलन में खालिस्तान समर्थक भी शामिल हैं और इस आंदोलन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया जा सकता है।