फोन कॉल केस: डायरेक्टर बंगले से रिम्स के पेइंग वार्ड में शिफ्ट किए गए लालू यादव

 26 Nov 2020 05:25 PM

पटना। कथित फोन कॉल मामला सामने आने के बाद बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव को रिम्स के पेइंग वार्ड में शिफ्ट किया गया है। आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद अभी तक रिम्स डायरेक्टर के बंगला में रह रहे थे। गुरुवार को रिम्स प्रशासन ने लालू को निदेशक बंगले से अस्पताल के पेइंग वार्ड में शिफ्ट करने के संबंध में आदेश जारी किया था। आदेश जारी होते ही पुलिस और प्रशासन के लोग रिम्स डायरेक्टर बंगला पहुंच गए और शाम करीब चार बजे उन्हें पेइंग वार्ड में शिफ्ट कर दिया। 5 सितंबर को पेइंग वार्ड के जिस कमरा नंबर 11 से लालू प्रसाद को शिफ्ट किया गया था, आज 26 नवंबर को फिर से पेइंग वार्ड के उसी कमरा नंबर 11 में वे पहुंच गए हैं।

फोन इस्तेमाल करने का आरोप
लालू पर आरोप है कि जेल में रहते हुए वह कथित तौर पर फोन का यूज कर रहे हैं। वह बिहार की नई एनडीए सरकार को गिराने के लिए नेताओं और विधायकों को प्रलोभन दे रहे हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। सबसे पहले सुशील मोदी ने लालू पर फोन करने का आरोप लगाया था। इसके बाद जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी ने भी कहा कि उनके पास भी लालू के कॉल आए थे।

24 घंटे के अंदर जवाब मांगा                                                                                                                                
फोन कॉल मामले पर बिहार की सियासत गरमाई हुई है। इसी बीच झारखंड हाईकोर्ट में एक पीआईएल भी दाखिल की गई है। जेल से फोन का इस्तेमाल करने और सरकार को अस्थित करने के प्रयास का पीआईएल में जिक्र किया गया है। साथ ही लालू के इस गतिविधि को जेल मैनुअल का उल्लंघन बताया गया है। दूसरी तरफ रांची डीसी ने इस मामले में बिरसा मुंडा कारा के जेल अधीक्षक से भी इस मामले में 24 घंटे के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है।

क्या बोले पूर्व सीएम
राज्य के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने गुरुवार को कहा कि लालू यादव ने उनसे बात करने की कोशिश की थी। हालांकि मैंने बात नहीं की। उन्होंने कहा कि लालू ने मेरे विधायकों को भी प्रलोभन दिया था। मांझी ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। हम अध्यक्ष ने कहा कि लालू यादव रांची जेल में बैठकर राजनीति कर रहे हैं। यह एक गलत परंपरा है और हमारी मांग है कि इस पूरे प्रकरण की जांच की जाए।
मांझी ने सुशील मोदी के आरोपों को सही करार  देते हुए कहा कि मुझे तो प्रोटेम स्पीकर बनने से पहले और बाद भी तरह-तरह के आॅफर मिले थे। उन्होंने कहा कि हमारे लोगों को के पास एनडीए सरकार गिराने के बदले सीएम से लेकर मंत्री पद तक के प्रलोभन दिए गए। मांझी ने कहा कि लालू की इस तरह की राजनीति करने की आदत रही है, लेकिन उनके प्रलोभन में कोई फंसने वाला नहीं है।