पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विवि के 8वें दीक्षांत समारोह में बोले पीएम मोदी, भारत में एनर्जी सेक्टर में ग्रोथ, एंटरप्रेन्योर और रोजगार की असीम संभावनाएं

 21 Nov 2020 12:46 PM

गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिरकत की। स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान से पास होने वाले छात्र देश की नई ताकत बनेंगे। एक समय था जब लोग सवाल उठाते थे कि इस तरह की यूनिवर्सिटी कितना आगे बढ़ पाएगी। लेकिन यहां के विद्यार्थियों ने, प्रोफेसर्स ने और यहां से निकले प्रोफेशनल्स ने इन सारे सवालों के जवाब दे दिए हैं।

पीएम ने स्टूडेंट्स से कहा कि आज आप ऐसे समय में इंडस्ट्री में कदम रख रहे हैं, जब महामारी के चलते पूरी दुनिया के एनर्जी सेक्टर में भी बड़े बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में आज भारत में एनर्जी सेक्टर में ग्रोथ, एंटरप्रेन्योर और रोजगार की असीम संभावनाएं हैं।  21वीं सदी का जो युवा है, उसको एक क्लीन स्लेट के साथ आगे बढ़ना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप देखिए जीवन में वही लोग सफल होते है, वही लोग कुछ कर दिखाते है जिनके जीवन में सेंस ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी का भाव होता है। इस दौरान पीएम ने मोनोक्रिस्टलाइन सोलर फोटो वोल्टाइक पैनल के 45 मेगावाट के उत्पादन संयंत्र का ऑनलाइन उद्घाटन भी किया। 

2,600 स्टूडेंट्स को मिलेगी डिग्री
समारोह में करीब 2,600 स्टूडेंट्स अपने डिग्री / डिप्लोमा प्राप्त करेंगे। पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी 4 अप्रैल, 2007 को लागू किए गए राज्य अधिनियम के जरिए एक निजी विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित किया गया था। जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और मानविकी के क्षेत्र में प्रोग्राम प्रदान करता है।

कार्बन फुटप्रिंट को कम करने का दिशा में बढ़ रहा देश
पीएम ने कहा कि आज देश अपने कार्बन फुटप्रिंट को 30-35% तक कम करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। हमारी यह कोशिश है कि इस दशक में अपनी ऊर्जा जरूरतों में नेचुरल गैस की हिस्सेदारी को 4 गुणा तक बढ़ाएं। पीएम ने स्टूडेंट्स से यह भी कहा कि एक ऐसे समय में ग्रेजुएट होना जब दुनिया इतने बड़े संकट से जूझ रही है,ये कोई आसान बात नहीं है, लेकिन आपकी क्षमताएं इन चुनौतियों से कहीं ज्यादा बड़ी हैं।
स्टूडेंट्स को सफलता के बारे में बताते हुए पीएम ने कहा कि जीवन में वही लोग सफल होते है, वही लोग कुछ कर दिखाते है, जिनके जीवन में जिम्मेदारी का भाव होता है। विफल वो होते है जो जिम्मेदारी के बोझ में जीते है। जिम्मेदारी का भाव व्यक्ति के जीवन में अवसर के भाव को भी जन्म देता है।